
कानपुर साइबर क्राइम थाना ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का किया भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

कानपुर नगर से एक भारी साइबर अपराध का मामला सामने आया है, जिसमें साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह फेसबुक के जरिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में लोगों को जोड़कर, फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट और ऐप के माध्यम से ₹2.50 करोड़ से अधिक की ठगी को अंजाम दे रहा था।
पुलिस के मुताबिक, ठगों ने सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को आकर्षक निवेश के झांसे में लिया।
फिर उन्हें फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर निवेश करने के लिए उकसाया गया।
इस दौरान, गिरोह ने डिजिटल लेन-देन के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
विशेष बात यह है कि इस गिरोह का कंबोडिया से भी संबंध सामने आया है, जिससे यह पता चलता है कि यह अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कड़ी जांच और गहन छानबीन के बाद इस गिरोह के 7 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से पुलिस ने बरामद किया:
-
मोबाइल फोन और लैपटॉप
-
बैंकिंग दस्तावेज
-
क्रिप्टो (USDT) से जुड़े डिजिटल साक्ष्य
पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा:
“कानपुर पुलिस साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त है। किसी भी साइबर ठगी या धोखाधड़ी की किसी को छूट नहीं दी जाएगी।”
पुलिस आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले भी कानपुर पुलिस ने ई-कॉमर्स के नाम पर 50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल दुनिया में निवेश करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
साइबर ठग अक्सर लोगों को तेजी से अमीर बनने का लालच देकर फंसाते हैं।
इस मामले में पुलिस की सक्रियता से आम जनता और निवेशकों के लिए सतर्क रहने की सीख मिली है।
कानपुर नगर के नागरिकों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि ऐसे सख्त कदम साइबर अपराधियों के खिलाफ संदेश भेजते हैं।




