
कन्नौज।
जिले के किसानों ने बुधवार को अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर खेती-किसानी से जुड़ी कई गंभीर परेशानियों पर आवाज़ उठाई और शीघ्र समाधान की मांग की।
किसानों का कहना है कि इस बार आलू समेत अन्य फसलों का उचित समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण उन्हें अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। वहीं खाद की कमी से रबी फसलों की बुवाई पर भी संकट गहराता जा रहा है। किसानों ने बताया कि खाद के अभाव में उन्हें बाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे लागत मूल्य लगातार बढ़ता जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण जो फसलें नष्ट हुई थीं, उनका मुआवजा आज तक नहीं मिला है। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सर्वे तो कराया, लेकिन राहत राशि अब तक उनके खातों में नहीं आई।
इसके अलावा किसानों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने कहा कि तय समय पर बिजली नहीं दी जाती, जिससे सिंचाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई किसानों ने शिकायत की कि गलत मीटर रीडिंग डालकर अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। वहीं, बिना सहमति के घरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
किसानों ने विभागीय कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने और मनमानी रवैये का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसान बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराते हैं तो समाधान की बजाय उल्टा व्यवहार किया जाता है।
किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की कि उनकी समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो वे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मुख्य मांगे:
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आलू व अन्य फसलों का उचित एमएसपी निर्धारित किया जाए।
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खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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ओलावृष्टि और बारिश से नष्ट फसलों का मुआवजा तत्काल दिया जाए।
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किसानों को तय समय पर बिजली आपूर्ति की जाए।
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गलत रीडिंग और स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों की जांच हो।
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विभागीय कर्मचारियों के मनमाने व्यवहार पर रोक लगाई जाए।
प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर किसानों को आश्वासन दिया है कि सभी बिंदुओं पर संबंधित विभागों से रिपोर्ट मंगाई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।




