
कन्नौज जिले में एसआईआर अभियान की गति और प्रभावशीलता की समीक्षा के लिए डीएम अशुतोष मोहन गुरसाहयगंज नगर क्षेत्र में पहुंचे। डीएम ने न केवल अभियान की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया, बल्कि पालिका के कार्यों का भी निरीक्षण किया।

डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य की रफ्तार बढ़ाने और अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों की सहायता से अभियान में तेजी लाई जा रही है और आमजन को भी इस प्रक्रिया में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान की धीमी गति पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि SIR अभियान में कुछ क्षेत्रों में कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है। इस पर उन्होंने अधिकारियों और बीएलओ को सख्त निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाई जाए और अभियान के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए।
डीएम ने कहा:
“जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही अभियान सफल हो सकता है। प्रत्येक अधिकारी को सुनिश्चित करना होगा कि उनकी टीम पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करे।”
पालिका निरीक्षण और सुधार की पहल
डीएम ने नगर पालिका कार्यालय का भी निरीक्षण किया और वहां चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
आमजन से अपील
डीएम ने इस मौके पर आमजन से भी अपील की कि वे अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और स्थानीय प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जनता की सक्रिय भागीदारी ही किसी भी सरकारी अभियान को सफल बना सकती है।
“हम चाहते हैं कि हर नागरिक इस अभियान में सहयोगी बने। आपका सहयोग न केवल अभियान को सफल बनाएगा, बल्कि जिले के विकास और सुव्यवस्था में भी मदद करेगा।”
अभियान के महत्व पर जोर
SIR अभियान का उद्देश्य जिले में जनसंख्या और सामाजिक आंकड़ों का सटीक रिकॉर्ड रखना और योजनाओं को प्रभावी बनाना है। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि अभियान की धीमी रफ्तार को चुनौती मानकर इसे गति प्रदान की जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि इस निरीक्षण और निर्देशों के बाद अभियान में निश्चित ही तेजी आएगी।
कन्नौज में डीएम अशुतोष मोहन का यह निरीक्षण प्रशासन और आमजन दोनों के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकारी अभियान केवल अधिकारियों के प्रयास से सफल नहीं होंगे, बल्कि जन प्रतिनिधियों और आमजन की सक्रिय भागीदारी से ही सही परिणाम मिल सकते हैं।




