
भारतीय महिला पहलवान Vinesh Phogat को लेकर चल रहे विवाद और चर्चाओं के बीच कैसरगंज सांसद का बड़ा बयान सामने आया है। सांसद ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि “अगर कोई जाहिल है तो उसे सिखाया नहीं जा सकता” और हर व्यक्ति को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। उनके बयान के बाद राजनीतिक और खेल जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कैसरगंज सांसद ने मीडिया से बातचीत के दौरान विनेश फोगाट से जुड़े मुद्दों और हालिया विवादों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “चर्चा था कोई आया था, मैं तो नहीं था, सुनने को पाया।” इसके बाद सांसद ने तीखे शब्दों में कहा कि “कोई जाहिल है तो उसको हम तो सिखा नहीं सकते। हर किसी को अपनी मर्यादा पता है और मर्यादा में रहना चाहिए।”
सांसद ने आगे कहा कि कई बार ऐसी बातें सुनने को मिलती हैं जो बेहद खराब लगती हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोग संयम बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा, “हम लोगों को भी बहुत शब्द बुरे लगते हैं, पर हम नहीं कहते। लेकिन जिसकी शर्तें जैसी… अब मुझसे ना बुलवाईए।”
उन्होंने यह भी कहा कि खेल जगत पर जो “ग्रहण” लगा था, वह कुछ लोगों की वजह से था। हालांकि अब हालात बदल रहे हैं और नई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिल रहा है। सांसद ने कहा कि “आज आप देख सकते हैं कि 1400 बच्चे यहां आए हैं। ओलंपिक में रिजल्ट बहुत अच्छा आएगा।”
बयान के दौरान सांसद ने खेल संघों और खिलाड़ियों के चयन को लेकर भी इशारों में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले पुराने लोग अपनी जगह छोड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन अब नई प्रतिभाओं को अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा, “नए को मौका मिल रहा, पुराने जगह नहीं छोड़ते थे। जो आए थे, लड़े होते तो पता लग जाता।”
सांसद के इस बयान को खेल राजनीति और हाल के विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में भारतीय कुश्ती और खिलाड़ियों से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में रहे हैं, जिन पर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। सांसद के बयान के बाद एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में आ गया है।




