टॉप न्यूज़व्यापार

Mutual Fund Record : जुलाई में म्यूचुअल फंड निवेश का नया रिकॉर्ड, नेट इनफ्लो ने तोड़े अब तक के सभी रिकॉर्ड

जुलाई में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, AUM पहुंचा ₹85.75 लाख करोड़; स्मॉलकैप में निवेशकों ने लगाया सबसे ज्यादा पैसा

नई दिल्ली: भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए जुलाई 2026 का महीना कई मायनों में अहम रहा। इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर ₹85.75 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जून में यह आंकड़ा करीब ₹82.22 लाख करोड़ था। यानी एक महीने में इंडस्ट्री के आकार में करीब ₹3.53 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। AMFI के आंकड़ों के मुताबिक 31 जुलाई 2026 को इंडस्ट्री AUM ₹85.76 लाख करोड़ के आसपास रहा।

हालांकि, यहां एक जरूरी सुधार है। ₹85.75 लाख करोड़ जुलाई का नेट इनफ्लो नहीं, बल्कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल AUM है। GEPL Capital की रिपोर्ट में भी जुलाई के दौरान कुल नेट इनफ्लो में करीब 4.30% मासिक बढ़ोतरी और पिछले एक साल में नेट म्यूचुअल फंड AUM में करीब 13.80% वृद्धि की बात कही गई है।

रिकॉर्ड AUM के बीच इक्विटी फंड में आई थोड़ी सुस्ती

जुलाई में जहां म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल AUM रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, वहीं इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश की रफ्तार जून के मुकाबले कुछ धीमी रही। AMFI के अनुसार जुलाई में इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स में ₹24,697 करोड़ का नेट इनफ्लो हुआ। जून में यह आंकड़ा ₹28,973 करोड़ था। यानी महीने-दर-महीने आधार पर इक्विटी फंड इनफ्लो में करीब 15% की गिरावट आई।

इसके बावजूद इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगातार 65वें महीने नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। इसका मतलब है कि मासिक उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड के जरिए इक्विटी बाजार में निवेश करने का रुझान कायम है।

स्मॉलकैप फंड्स में सबसे ज्यादा जोर

जुलाई के आंकड़ों में सबसे ज्यादा चर्चा स्मॉलकैप फंड्स की रही। इस कैटेगरी में ₹7,768 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया, जो जून के मुकाबले करीब 39% ज्यादा था। स्मॉलकैप फंड्स का यह मजबूत प्रदर्शन बताता है कि निवेशकों का एक हिस्सा छोटी कंपनियों में संभावित ग्रोथ के अवसरों को लेकर अभी भी सकारात्मक नजरिया रख रहा है।

इसके बाद मिडकैप फंड्स में ₹6,192 करोड़ का निवेश आया। मिडकैप फंड्स का इनफ्लो भी जून के मुकाबले बढ़ा। इसके अलावा फ्लेक्सीकैप फंड्स में करीब ₹4,709 करोड़, लार्ज एंड मिडकैप फंड्स में करीब ₹3,425 करोड़ और मल्टीकैप फंड्स में करीब ₹3,227 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया।

यानी जुलाई में निवेशकों की पसंद मुख्य रूप से उन इक्विटी कैटेगरी की तरफ रही, जहां उन्हें भविष्य में अपेक्षाकृत तेज ग्रोथ की संभावना दिखाई दे रही है।

लार्जकैप फंड्स में 30 महीने बाद निकासी

जहां स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स में निवेश जारी रहा, वहीं लार्जकैप फंड्स के आंकड़े इसके बिल्कुल उलट रहे। जुलाई में लार्जकैप म्यूचुअल फंड्स में ₹1,322 करोड़ की नेट निकासी हुई। यह दिसंबर 2023 के बाद लार्जकैप फंड्स में पहली मासिक नेट आउटफ्लो रही।

इस बदलाव को निवेशकों की बदलती पसंद के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि किसी एक महीने के आंकड़े के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि निवेशकों ने लार्जकैप कंपनियों से पूरी तरह दूरी बना ली है। बाजार की चाल, वैल्यूएशन, कंपनियों के नतीजे और भविष्य की ग्रोथ उम्मीदें निवेश के फैसलों को प्रभावित करती हैं।

SIP में भी निवेशकों का भरोसा कायम

म्यूचुअल फंड निवेश का सबसे मजबूत हिस्सा SIP यानी Systematic Investment Plan बना हुआ है। जुलाई 2026 में SIP के जरिए करीब ₹31,961 करोड़ का निवेश आया, जबकि जून में यह आंकड़ा ₹31,781 करोड़ था। यानी महीने-दर-महीने SIP योगदान में मामूली बढ़ोतरी हुई। जुलाई 2025 के मुकाबले SIP इनफ्लो करीब 12% अधिक रहा।

SIP में लगातार बना हुआ निवेश यह संकेत देता है कि बड़ी संख्या में निवेशक बाजार में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय नियमित अंतराल पर निवेश करना पसंद कर रहे हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद SIP का मजबूत रहना म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

डेट फंड्स ने भी संभाला मोर्चा

जुलाई में सिर्फ इक्विटी ही नहीं, बल्कि डेट म्यूचुअल फंड्स में भी जोरदार पैसा आया। दो लगातार महीनों की निकासी के बाद जुलाई में डेट फंड्स में करीब ₹1.87-1.88 लाख करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज हुआ। इनमें लिक्विड फंड्स का योगदान काफी बड़ा रहा और इस कैटेगरी में करीब ₹1.19 लाख करोड़ का इनफ्लो आया।

इससे कुल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री AUM को मजबूत सहारा मिला। यही वजह है कि जुलाई में इक्विटी फंड इनफ्लो कम होने के बावजूद पूरी इंडस्ट्री का AUM रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।

निवेशकों की पसंद में बड़ा बदलाव?

जुलाई के आंकड़ों को देखें तो निवेशकों की रणनीति में कुछ बदलाव दिखाई देता है। एक तरफ लार्जकैप फंड्स से पैसा निकला, वहीं स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स में निवेश मजबूत रहा। दूसरी तरफ डेट फंड्स में भी बड़ी मात्रा में पैसा आया।

इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि सभी निवेशक ज्यादा जोखिम लेने लगे हैं। अलग-अलग निवेशकों की जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और वित्तीय लक्ष्य अलग होते हैं। किसी कैटेगरी में ज्यादा इनफ्लो होने का अर्थ यह नहीं है कि वह हर निवेशक के लिए बेहतर विकल्प है।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के AUM में पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जून 2026 के अंत में इंडस्ट्री का AUM करीब ₹82.22 लाख करोड़ था, जो जुलाई के अंत तक बढ़कर करीब ₹85.76 लाख करोड़ हो गया।

यह बढ़ोतरी निवेशकों के बढ़ते बाजार जुड़ाव, SIP के लगातार मजबूत रहने और अलग-अलग फंड कैटेगरी में पूंजी के प्रवाह का परिणाम है।

हालांकि, AUM बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि उतनी ही राशि नए निवेश के तौर पर बाजार में आई है। AUM में निवेश से आने वाली रकम के साथ-साथ शेयर बाजार और बॉन्ड बाजार की कीमतों में बदलाव का भी असर होता है। इसलिए AUM और नेट इनफ्लो को एक ही चीज मानना सही नहीं है।

आगे क्या देखना होगा?

अब बाजार की नजर अगस्त और आने वाले महीनों के म्यूचुअल फंड आंकड़ों पर रहेगी। खासतौर पर यह देखना अहम होगा कि स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स में मजबूत निवेश जारी रहता है या नहीं। इसके साथ ही लार्जकैप फंड्स में जुलाई की निकासी अस्थायी रही या यह निवेशकों की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है, इस पर भी नजर रहेगी।

SIP के आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि लगातार मजबूत SIP योगदान से पता चलता है कि खुदरा निवेशक बाजार में लंबी अवधि के लिए बने हुए हैं। वहीं डेट फंड्स में जुलाई की बड़ी वापसी यह बताती है कि निवेशक जरूरत के हिसाब से इक्विटी के साथ अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले विकल्पों में भी पैसा लगा रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय केवल यह देखकर फैसला नहीं करना चाहिए कि किसी फंड कैटेगरी में सबसे ज्यादा पैसा आ रहा है। स्मॉलकैप, मिडकैप और इक्विटी फंड में रिटर्न की संभावना के साथ बाजार जोखिम भी अधिक हो सकता है। निवेश का फैसला अपनी जोखिम क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़ें। किसी भी म्यूचुअल फंड योजना में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता का आकलन करें। यह खबर केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह, खरीद-बिक्री की सिफारिश या व्यक्तिगत वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Related Articles

Back to top button