
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। गोल्फ के महिला व्यक्तिगत इवेंट में भारत की युवा खिलाड़ी प्रणवी उर्स ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। प्रणवी ने चार राउंड के मुकाबले में कुल 15 अंडर पार का स्कोर बनाया और शीर्ष स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ वह एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं।
प्रणवी की इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला गोल्फ टीम ने भी टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। इस तरह गोल्फ के महिला वर्ग में भारत के खाते में एक ही दिन स्वर्ण और रजत पदक आए। प्रणवी के प्रदर्शन ने न सिर्फ व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का नाम रोशन किया, बल्कि टीम पदक जीतने में भी अहम योगदान दिया।
आखिरी दौर में बरकरार रखी बढ़त
महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा के अंतिम दौर में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। प्रणवी उर्स के पास पहले से बढ़त थी और अंतिम राउंड में उन्हें अपनी स्थिति बनाए रखने की चुनौती थी। उन्होंने दबाव के बावजूद संयमित खेल दिखाया और आखिरकार 15 अंडर पार के कुल स्कोर के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
प्रणवी ने अंतिम दौर में इवन पार 70 का स्कोर किया। चारों राउंड मिलाकर उनका कुल स्कोर 265 रहा। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और तीन बर्डी लगाकर अपनी स्थिति मजबूत की। अंतिम होल पर पार हासिल करते हुए उन्होंने अपनी एक स्ट्रोक की बढ़त को बरकरार रखा और स्वर्ण पदक पक्का कर लिया।
सिंगापुर की शैनन टैन और चीन की यिन रूओनिंग ने भी शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों ने 14 अंडर पार के स्कोर के साथ प्रतियोगिता समाप्त की और संयुक्त रूप से रजत पदक हासिल किया।
टीम स्पर्धा में भी भारत को सिल्वर
प्रणवी उर्स की व्यक्तिगत सफलता के साथ भारतीय महिला टीम ने भी टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय टीम में प्रणवी के अलावा अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल थीं।
अंतिम दौर में अदिति अशोक ने 67 का स्कोर किया, जबकि दीक्षा डागर ने 77 का स्कोर बनाया। भारत ने कुल 14 अंडर पार यानी 546 का स्कोर दर्ज किया। हालांकि टीम स्पर्धा में चीन ने 22 अंडर पार यानी 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता।
इस तरह भारत को टीम इवेंट में रजत पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन प्रणवी के व्यक्तिगत स्वर्ण ने भारतीय गोल्फ के लिए एक नया इतिहास जरूर लिख दिया।
छह साल की उम्र में शुरू किया था गोल्फ
मैसूर की रहने वाली 23 वर्षीय प्रणवी उर्स ने बेहद कम उम्र में गोल्फ खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने महज छह साल की उम्र में गोल्फ का अभ्यास शुरू किया। उनके खेल के प्रति शुरुआती लगाव में उनके पिता और भाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रणवी इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2023 के एशियन गेम्स में भारतीय महिला गोल्फ टीम का हिस्सा थीं। उस प्रतियोगिता में भारतीय टीम पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गई थी और चौथे स्थान पर रही थी।
छह साल की उम्र से शुरू हुआ प्रणवी का गोल्फ सफर अब एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक तक पहुंच चुका है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय महिला गोल्फ के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शिव कपूर के बाद भारत का एक और गोल्फ गोल्ड
एशियन गेम्स में भारत को पुरुष गोल्फ में पहले भी स्वर्ण पदक मिल चुका है। शिव कपूर ने 2002 बुसान एशियन गेम्स में पुरुष गोल्फ स्पर्धा में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। अब प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारतीय गोल्फ के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का 18वां स्वर्ण पदक बताया जा रहा है। प्रणवी की ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय दल के पदकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ भारत की पदक तालिका में और बढ़ोतरी की उम्मीद बनी हुई है।




