
झज्जर: हरियाणा के झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव में जहरीली गैस से भरे कुएं में दम घुटने से चार युवकों की मौत के बाद पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। हादसे के अगले दिन सोमवार को मामला और गर्मा गया, जब ग्रामीणों ने मृतकों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। गांव में बुलाई गई महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग जुटे और सरकार से मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक चारों शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। महापंचायत में मुनीमपुर के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
महापंचायत में पहुंचे जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी
स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिला उपायुक्त, पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता महापंचायत में पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी।
ग्रामीणों ने साफ कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना होगा, तभी आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने दी जाएगी।
ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
महापंचायत में मृतकों के परिजनों की ओर से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। ग्रामीणों ने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मृतकों को विशेष सम्मान (शहीद जैसा दर्जा देने की मांग) तथा हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि चारों युवकों ने दूसरों की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवाई है। ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवारों की हर संभव मदद करनी चाहिए।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
महापंचायत में मौजूद लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि हादसे की सूचना मिलने के बाद यदि बचाव दल और प्रशासनिक टीमें समय पर मौके पर पहुंच जातीं, तो शायद चारों युवकों की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कैसे हुआ था दर्दनाक हादसा?
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना रविवार रात मुनीमपुर गांव में हुई। बताया जा रहा है कि एक बछड़ा कुएं में गिर गया था। उसे बचाने के लिए एक युवक कुएं में उतरा, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। उसे बचाने के लिए एक-एक कर अन्य युवक भी कुएं में उतरते गए।
कुछ ही देर में चारों युवक जहरीली गैस की चपेट में आ गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पूरे इलाके में शोक का माहौल
एक ही गांव के चार युवकों की मौत से मुनीमपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। मृतकों के घरों पर लोगों का तांता लगा हुआ है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ग्रामीणों से लगातार बातचीत कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रशासन महापंचायत की मांगों पर क्या फैसला लेते हैं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कब शुरू हो पाती है।




