
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश। डिजिटल भुगतान के लिए इस्तेमाल होने वाले UPI पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किए जाने की चर्चा के बीच हमीरपुर में व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। नगर उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने UPI भुगतान पर MDR लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
व्यापारियों का कहना है कि आज के समय में UPI भुगतान आम लोगों और कारोबारियों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। शहर से लेकर कस्बों और ग्रामीण बाजारों तक बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कर रहे हैं। दुकानदार भी ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करते हैं। ऐसे में UPI लेनदेन पर MDR शुल्क लागू होने से व्यापारियों की परेशानी बढ़ सकती है।
अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की जताई आशंका
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि कारोबार पहले से ही कई तरह के खर्च और करों के दबाव में है। उनका कहना है कि यदि UPI भुगतान पर MDR शुल्क लगाया गया तो प्रत्येक डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। खासतौर पर छोटे और मध्यम दुकानदारों के लिए लगातार होने वाले छोटे-छोटे डिजिटल लेनदेन पर शुल्क का असर लंबे समय में अधिक हो सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से लोगों को UPI इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। अब यदि इसी भुगतान व्यवस्था पर शुल्क लगाया जाता है तो इससे कारोबारियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद की आशंका
व्यापारियों ने MDR को लेकर ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका भी जताई। व्यापारियों का कहना है कि यदि डिजिटल भुगतान पर कोई अतिरिक्त शुल्क निर्धारित होता है तो यह सवाल खड़ा होगा कि उसका भुगतान ग्राहक करेगा या दुकानदार। इसी बात को लेकर बाजार में कई जगहों पर विवाद की स्थिति बन सकती है।
व्यापारियों ने कहा कि दुकानदार के लिए हर डिजिटल भुगतान पर अलग से शुल्क वहन करना आसान नहीं होगा। वहीं ग्राहक भी सामान की कीमत के अलावा अतिरिक्त भुगतान करने के लिए तैयार होगा या नहीं, यह अलग सवाल है। व्यापारियों के मुताबिक ऐसी स्थिति में UPI भुगतान को लेकर बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
नगर उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के जरिए व्यापारियों ने सरकार से UPI भुगतान पर MDR लागू नहीं करने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि UPI भुगतान व्यवस्था ने कारोबार को आसान बनाया है। ग्राहक बिना नकदी रखे मोबाइल फोन के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं और दुकानदार को भी भुगतान तुरंत प्राप्त हो जाता है। छोटे दुकानदारों के लिए भी यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हुई है।
व्यापारियों ने सरकार से की मांग
व्यापारियों का कहना है कि यदि UPI पर MDR लागू किया जाता है तो इसका असर सीधे उनके व्यापारिक खर्च पर पड़ सकता है। व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की कि व्यापारियों की स्थिति और छोटे कारोबारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए UPI लेनदेन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने अपनी मांग को मजबूती से उठाया। अंजनी ओमर, धीरू गुप्ता और दीपक मिश्रा समेत अन्य व्यापारियों ने UPI पर MDR के संभावित प्रभाव को लेकर अपनी बात रखी। व्यापारियों ने कहा कि उनका विरोध डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के खिलाफ है।
व्यापारियों का कहना है कि UPI भुगतान आज बाजार की जरूरत बन चुका है और इससे ग्राहक तथा दुकानदार दोनों को सुविधा मिलती है। इसलिए इस व्यवस्था को अतिरिक्त शुल्क के बोझ से बचाए रखना जरूरी है। व्यापारियों ने सरकार से मामले में जल्द निर्णय लेने और UPI भुगतान पर MDR लागू नहीं करने की मांग दोहराई।

अब व्यापारियों की नजर सरकार की ओर से इस मुद्दे पर लिए जाने वाले फैसले पर है। व्यापार मंडल का कहना है कि जरूरत पड़ने पर व्यापारी अपनी मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाएंगे।




