
जालौन जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पूर्व विधायक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पुत्र पर जानलेवा हमले का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि हमला करने वाला युवक जिला बदर अभियुक्त है, जो खुलेआम इलाके में घूम रहा था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और एक बार फिर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना 31 दिसंबर की रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार पीड़ित अजय पाल सिंह किसी निजी कार्य से फूल-माला खरीदने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मुलाकात संदीप यादव नामक युवक से हो गई। आरोप है कि संदीप यादव उस समय शराब के नशे में था और उसने बिना किसी उकसावे के गाली-गलौज शुरू कर दी।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने उनकी चार पहिया वाहन की चाबी जबरन निकाल ली और मां-बहन को लेकर अभद्र गालियां दीं। जब अजय पाल सिंह ने इसका विरोध किया, तो संदीप यादव ने जान से मारने की नीयत से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में अजय पाल सिंह के सिर पर गंभीर चोट आई और वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए दिनेश पुत्र प्राण सिंह पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। हालात तनावपूर्ण हो गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही कोतवाली कालपी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी भेजकर मेडिकल कराया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है।
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विवाद और मारपीट के दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि पुलिस का कहना है कि वीडियो की भी जांच की जा रही है।
पीड़ित अजय पाल सिंह ने कैमरे पर बयान देते हुए बताया कि पहले उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की गई, इसके बाद जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस आरोपी पर हमला करने का आरोप है, वह जिला बदर अभियुक्त होते हुए भी इलाके में खुलेआम कैसे घूम रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है और यदि जिला बदर के आदेश का उल्लंघन पाया गया, तो आरोपी के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि जब जिला बदर अभियुक्त खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी? क्या पुलिस की निगरानी प्रणाली पर सवाल उठेंगे, या फिर इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा? फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है और पूरे मामले पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।




