
लोकेशन: हरदोई – पाली कस्बा
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हरदोई के पाली कस्बे से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां आर्यावर्त बैंक की शाखा के मैनेजर पर एक युवक को दौड़ा–दौड़ाकर पीटने, घर में घुसकर अभद्रता करने और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार ने कार्रवाई न होने पर गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है और बैंक मैनेजर व उसके साथियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। देखें पूरी रिपोर्ट—
पाली कस्बे के मोहल्ला बिरहाना निवासी शिवकांत वाजपेई गुरुवार को अपने परिवार के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे।
शिवकांत ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि बुधवार दोपहर उनका बेटा ऋषभ वाजपेई अपने भाई राजन के साथ किसी जरूरी वित्तीय कार्य के लिए आर्यावर्त बैंक की शाखा में गया था।
आरोप है कि बैंक मैनेजर रवि अवस्थी, जो उस समय नशे में था, उसने दोनों भाइयों से न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि बिना किसी कारण विवाद शुरू कर दिया। मामला बढ़ने पर राजन वाजपेई वहां से घर लौट आया, जबकि ऋषभ बैंक से निकलकर बाजार की ओर चला गया।
लेकिन यहीं से घटना ने हिंसक रूप ले लिया।
पीड़ित का कहना है कि कुछ देर बाद बैंक मैनेजर रवि अवस्थी अपने तीन साथियों के साथ बाजार पहुंचा और ऋषभ को देखकर भड़क उठा। आरोप है कि मैनेजर और उसके साथियों ने ऋषभ को दौड़ाकर पीटा और उसकी जमकर पिटाई की।
पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है और फुटेज उनके पास सुरक्षित हैं।
V.O.—
मारपीट यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि हमला करने के बाद बैंक मैनेजर अपने लोगों को साथ लेकर सीधे पीड़ित के घर पहुंच गया।
शिकायत में कहा गया है कि मैनेजर घर में घुस आया और वहां मौजूद महिलाओं से अभद्रता की। परिवार दहशत में आ गया और पुलिस को सूचना दी।
लेकिन पीड़ित परिवार के अनुसार, पुलिस ने न तो उनकी तहरीर दर्ज की, न ही मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की।
बल्कि उल्टा—
ऋषभ को ही थाने में बैठा लिया गया और अगले दिन उसे शांति भंग में चालान कर दिया गया।
इस कार्रवाई से नाराज पीड़ित परिवार ने सीधे एसपी से शिकायत की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
V.O.—
इस बीच सामने आए सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग ऋषभ वाजपेई को दौड़ाते, पीछा करते और उसके घर के दरवाजे पर मारपीट करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। परिवार का कहना है कि यह फुटेज उनके आरोपों को सही साबित करता है और बैंक मैनेजर की भूमिका स्पष्ट करता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित का प्रार्थना पत्र मिला है।
मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।




