
बुलंदशहर में गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने इसे उत्तर प्रदेश के विकास का “गेम चेंजर” बताया। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यातायात को आसान बनाएगा, बल्कि इससे जुड़े जिलों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।
प्रभारी मंत्री ने अपने बयान में कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे बनने से प्रदेश के कई पिछड़े और अर्ध-विकसित इलाकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। इससे व्यापार, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को निवेश के लिहाज से और अधिक आकर्षक बनाएगी।
अरुण कुमार सक्सेना ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि इस एक्सप्रेसवे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर यहां फाइटर जेट भी उतारे जा सकेंगे। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी।
उन्होंने आगे कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश में निवेश के नए रास्ते खोलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते बड़े उद्योगपति और कंपनियां यहां निवेश करने के लिए आकर्षित होंगी। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
इस मौके पर सिकंदराबाद से भाजपा विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने भी एक्सप्रेसवे को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से लोगों की आवाजाही आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश में निवेश, रोजगार और विकास—तीनों को एक साथ नई रफ्तार मिलेगी, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेगा।




