
लखीमपुर खीरी जनपद के ढखेरवा चौराहा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। बस, ई-रिक्शा, सीएनजी ऑटो, मैजिक वाहन और अन्य साधनों की अव्यवस्थित आवाजाही के चलते गन्ने से लदी बैलगाड़ियों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ रहा है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के पढ़ुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत ढखेरवा चौराहा से निघासन रोड पुराने पुल के रास्ते होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान गन्ने से भरी बैलगाड़ियां लेकर गुजरते हैं। यह मार्ग किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से वे अपनी उपज चीनी मिलों तक पहुंचाते हैं।
लेकिन इसी सड़क पर बसों, ई-रिक्शा, सीएनजी ऑटो, मैजिक और अन्य व्यावसायिक वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और लगातार आवागमन के कारण अक्सर भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। परिणामस्वरूप, किसानों को घंटों तक अपनी गन्ने से लदी बैलगाड़ियों के साथ सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से न केवल समय और मेहनत बर्बाद होती है, बल्कि बैलों और जानवरों पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। कई बार जानवर घबराकर बैलगाड़ी से निकलकर सार्वजनिक स्थानों की ओर भाग जाते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो यातायात पुलिस की नियमित व्यवस्था दिखाई देती है और न ही अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कोई कार्रवाई होती है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि ढखेरवा चौराहा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, भारी और व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग व्यवस्था की जाए तथा जाम लगाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।




