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दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: GRAP-2 की पाबंदियां लागू, यूपी में भी बढ़ी चिंता; IMD ने जारी किया मौसम अपडेट

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, GRAP-2 लागू; यूपी और मौसम का ताजा अपडेट

देश के कई हिस्सों में बदलते मौसम के बीच दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर जहरीली होती जा रही है। बुधवार, 4 नवंबर 2026 की सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 373 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया। हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP के दूसरे चरण की पाबंदियां लागू रखी हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी प्रदूषण और मौसम में बदलाव को लेकर चिंता बनी हुई है।

दिल्ली-NCR में कई इलाकों का AQI 400 के पार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह दिल्ली के सभी 59 निगरानी केंद्रों पर AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया। इनमें से 54 केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर 300 से अधिक रहा, जबकि 21 स्थानों पर AQI 400 के पार पहुंच गया।

पंजाबी बाग में AQI 452, जहांगीरपुरी में 450 और आईआईटी दिल्ली क्षेत्र में 446 दर्ज किया गया। नोएडा में AQI 310, गुरुग्राम में 322 और ग्रेटर नोएडा में 255 रहा। गाजियाबाद में यह 233 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदूषण का असर राजधानी के साथ आसपास के शहरों में भी दिखाई दे रहा है।

GRAP-2 के तहत कौन-कौन सी पाबंदियां?

CAQM ने 2 नवंबर को दिल्ली का औसत AQI 324 पहुंचने के बाद GRAP-2 लागू किया था। इसके तहत प्रदूषण कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

  • सड़कों पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा।
  • अधिक प्रदूषण वाले इलाकों में एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
  • निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं।
  • सरकारी कार्यालयों में समय में बदलाव और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
  • होटल और रेस्तरां में तंदूर के लिए कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।

गुरुग्राम में 5 से 20 नवंबर तक धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर भी रोक लगाने का आदेश दिया गया है। सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के शहरों में भी प्रदूषण की चुनौती

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है। बुधवार सुबह नोएडा का AQI 310 और गाजियाबाद का 233 दर्ज किया गया। दिल्ली-NCR के दायरे में आने वाले इन शहरों में GRAP के तहत लागू क्षेत्रीय निर्देशों का पालन जरूरी है।

प्रदूषण के प्रमुख कारणों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां शामिल हैं। हवा की गति कम होने पर प्रदूषक वातावरण में जमा हो सकते हैं।

IMD का मौसम अपडेट: दिल्ली में फिलहाल बारिश की संभावना कम

भारत मौसम विज्ञान विभाग के 4 नवंबर के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्की धुंध रह सकती है। 4 से 6 नवंबर के बीच अधिकतम तापमान करीब 27 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। फिलहाल दिल्ली के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

देश के दूसरे हिस्सों में मौसम अलग-अलग बना हुआ है। चक्रवाती तूफान मुरासु के कमजोर पड़ने के बाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी पूर्वानुमान है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क इस्तेमाल करें और खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचें। आंखों में जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

प्रदूषण और मौसम की स्थिति में बदलाव के बीच लोगों को CPCB और IMD के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

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