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China, Taiwan, Military : ताइवान के चारों ओर चीन का सैन्य घेरा, बीस विमान और सात युद्धपोत पहुंचे

ताइवान के आसपास चीन का सैन्य घेरा, 20 विमान और 7 युद्धपोत पहुंचे; बढ़ी चिंता

ताइपे: ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बुधवार सुबह तक द्वीप के आसपास चीन के 20 पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) विमान, 7 नौसैनिक जहाज और 6 सरकारी जहाज देखे गए। इनमें से 15 चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान के उत्तरी, मध्य, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मौजूद एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन यानी ADIZ में प्रवेश किया।

ताइवान की सेना ने चीनी विमानों और जहाजों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सशस्त्र बलों ने निगरानी और जवाबी कार्रवाई के लिए आवश्यक सैन्य संसाधनों को सक्रिय रखा। हालांकि, अब तक किसी सीधे हमले की पुष्टि नहीं हुई है।

लगातार तीसरे दिन चीनी गतिविधियां

ताइवान के आसपास चीन की सैन्य मौजूदगी पिछले कई दिनों से दर्ज की जा रही है। मंगलवार को ताइवान ने 5 PLA विमान, 8 PLAN जहाज और 7 सरकारी जहाज देखे थे। इनमें से 3 चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान के उत्तरी और पूर्वी ADIZ में प्रवेश किया था।

इससे एक दिन पहले सोमवार को भी ताइवान के आसपास 1 PLA विमान, 9 नौसैनिक जहाज और 7 सरकारी जहाज देखे गए थे। उस दौरान एक चीनी सैन्य विमान ने उत्तरी ADIZ में प्रवेश किया था। लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ताइवान की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।

क्या होता है ADIZ?

ADIZ यानी Air Defence Identification Zone ऐसा क्षेत्र है, जहां किसी देश की सेना आने वाले विमानों की पहचान और निगरानी करती है। यह किसी देश के संप्रभु हवाई क्षेत्र से अलग होता है। इसलिए ADIZ में प्रवेश को सीधे किसी देश की सीमा में घुसपैठ नहीं माना जाता।

हालांकि, जब किसी क्षेत्र में लगातार बड़ी संख्या में सैन्य विमान दिखाई देते हैं, तो इसे रणनीतिक दबाव और सुरक्षा चुनौती के तौर पर देखा जाता है।

चीन-ताइवान विवाद की जड़

चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है और उसके साथ एकीकरण की नीति पर जोर देता रहा है। बीजिंग ने सैन्य विकल्प को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया है। दूसरी ओर, ताइवान की अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था है तथा वह लंबे समय से चीन के नियंत्रण से अलग तरीके से संचालित हो रहा है।

इस विवाद की जड़ 1949 के चीनी गृहयुद्ध के बाद की परिस्थितियों में है। कम्युनिस्ट पार्टी के सत्ता में आने के बाद रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार ताइवान चली गई थी। तब से दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव बना हुआ है।

फिलहाल चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर ताइवान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। हालांकि, इन गतिविधियों को सीधे हमले की तैयारी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन लगातार सैन्य दबाव क्षेत्रीय तनाव को जरूर बढ़ा रहा है।

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