
जिले में बाल विकास परियोजना की हकीकत सामने आ गई है। कागजों में पूरी तरह संचालित दिखने वाली यह योजना जमीनी स्तर पर पूरी तरह धराशाई नजर आ रही है। विभागीय अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला जिला मुख्यालय का है, जहां बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में दिन के 11 बजकर 30 मिनट तक ताला लटका रहा। आमजन जब अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें बंद दरवाजे मिले।
स्थानीय लोगों ने इस लापरवाही का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। वीडियो वायरल होने के बाद जिले के मुख्य विकास अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक, सिर्फ कार्यालय ही नहीं बल्कि जिला मुख्यालय पर स्थित कई आंगनबाड़ी केंद्र भी लंबे समय से बंद पड़े हैं। कागजों में इन केंद्रों पर बच्चों को पोषण, शिक्षा और हॉट कुक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि हकीकत में अधिकांश केंद्रों पर ताले लटके रहते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हॉट कुक के नाम पर भारी बंदरबांट किया जा रहा है और बच्चों तक पोषण नहीं पहुंच पा रहा है। इससे गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
वायरल वीडियो के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जब जिला मुख्यालय पर ही बाल विकास विभाग का यह हाल है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति कैसी होगी। फिलहाल प्रशासन जांच की बात कर रहा है, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारियों पर वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई होती है या मामला फिर फाइलों में दबकर रह जाता है।



