
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने सख़्त रुख अख़्तियार कर लिया है। डिबाई तहसील क्षेत्र में लंबे समय से अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन को मिली गुप्त सूचना पर देर रात एसडीएम डिबाई के निर्देश पर नायब तहसीलदार और अहमदगढ़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
देर रात जंगलों में छापा, ट्रैक्टर और मशीन बरामद
जानकारी के अनुसार खनन माफिया अंधेरे का फायदा उठाकर रात्रि में मिट्टी का अवैध खनन कर रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के जंगलों में छापेमारी की। इस दौरान अवैध खनन में संलिप्त दो ट्रैक्टर और एक मशीन मौके से बरामद की गई। नायब तहसीलदार ने तत्काल कब्जे में लेकर सभी वाहनों को अहमदगढ़ थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए दोनों ट्रैक्टर और मशीन को सीज कर दिया है।
खनन माफियाओं में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन प्रशासन की सख़्ती के चलते अब इस पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा था, बल्कि आसपास की ज़मीन और रास्तों को भी भारी क्षति पहुंच रही थी।
प्रशासन ने दी सख़्त कार्रवाई की चेतावनी
डिबाई तहसील प्रशासन और अहमदगढ़ थाना पुलिस ने साफ कहा है कि अवैध खनन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अवैध खनन की गतिविधियों की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
क्या है अवैध खनन का असर
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण असंतुलन पैदा हो रहा है। भूजल स्तर प्रभावित हो रहा है और खेतों की उर्वरा शक्ति भी कम होती जा रही है। यही वजह है कि शासन-प्रशासन अब खनन माफियाओं के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई में जुटा है।




