
बुलंदशहर के शिकारपुर ब्लॉक क्षेत्र के रामलीला ग्राउंड में मुख्यमंत्री के सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर 160 जोड़ों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 140 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।
हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाज का समन्वय
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि एक ही पंडाल के नीचे दो अलग-अलग रीति-रिवाजों का आयोजन किया गया। एक तरफ पंडित हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न करा रहे थे, तो दूसरी तरफ काजी मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह संपन्न करा रहे थे।
इससे साफ हुआ कि कार्यक्रम में सभी धर्मों का समान सम्मान किया गया और जोड़े अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर सके।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में वित्तीय सहयोग
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कन्याओं और नवविवाहित जोड़ों के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
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कन्याओं के लिए: ₹60,000
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दहेज के समान के लिए: ₹25,000
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आयोजन हेतु खर्च: ₹15,000
इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य विवाहिता और उनके परिवारों की आर्थिक मदद करना और उन्हें समान अवसर एवं सम्मान देना है।
मुख्यमंत्री और अतिथियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं जोड़ों को आशीर्वाद दिया और खुश नजर आए। इस अवसर पर पूर्व मंत्री और शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी रंजना सिंह, शिकारपुर ब्लॉक प्रमुख, शिकारपुर नगर पालिका अध्यक्ष और बड़ी संख्या में अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों और जोड़ों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में शामिल जोड़े और उनके परिवारों ने आयोजन की सराहना की। उनका कहना था कि यह पहल न केवल आर्थिक मदद देती है बल्कि समाज में सामूहिक विवाह के माध्यम से एकता और सहयोग की भावना भी बढ़ाती है।
बाइट: अनिल शर्मा, शिकारपुर विधायक व पूर्व मंत्री
अनिल शर्मा ने कहा—
“मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समरसता और समानता को बढ़ावा देने वाला है। आज 140 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे और हम सभी उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।”




