
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने नववर्ष के अवसर पर आयोजित बीएसपी चीफ कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय और बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने देश और प्रदेशवासियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह वर्ष सभी के लिए मंगलकारी और सुखद हो।
अपने संबोधन में मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनके नेतृत्व में चार बार सरकार बनी और इस दौरान बहुजन समाज के हित में कई ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी कार्य किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद की सरकारों—चाहे वे बीजेपी की हों, कांग्रेस की हों या अन्य दलों की—ने उनकी सरकार की जनहितकारी योजनाओं को या तो बंद कर दिया या कमजोर कर दिया।
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बीएसपी कार्यकर्ता इस दिन को “जनकल्याणकारी दिवस” के रूप में मना रहे हैं, जो पार्टी की विचारधारा और संघर्ष को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सदियों से उपेक्षित, शोषित और वंचित समाज को संतों, गुरुओं और महापुरुषों ने आत्मसम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ा होने की प्रेरणा दी है। ऐसे सभी महापुरुषों को उन्होंने नमन किया।
बीएसपी प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा, तब तक वह दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम ने उन्हें पार्टी की संपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी और वह उस भरोसे को जीवनभर निभाती रहेंगी।
मायावती ने कहा कि वह बीएसपी के “मिशन और कारवां” को आगे बढ़ाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में ईवीएम जैसी कोई बाधा नहीं आई, तो बहुजन आंदोलन लगातार आगे बढ़ता रहेगा और सत्ता तक पहुंचेगा।
अपने संबोधन के अंत में मायावती ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने, अनुशासन बनाए रखने और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की स्थापना है।




