
बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे लोगों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। राज्य में 1 नवंबर 2026 से नए बिजली कनेक्शन के लिए संशोधित सर्विस कनेक्शन चार्ज लागू होने जा रहे हैं। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) की मंजूरी के बाद नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (SBPDCL) ने नई दरें जारी की हैं।
नई व्यवस्था का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ दुकानदारों, कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों पर भी पड़ेगा। ये निर्धारित दरें 150 किलोवाट तक के नए लो टेंशन कनेक्शन के लिए लागू होंगी। इसके साथ ही 1 नवंबर से जारी होने वाले नए कनेक्शनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की व्यवस्था भी लागू होगी।
सिंगल फेज कनेक्शन की नई दरें
घरेलू उपभोक्ता आमतौर पर सिंगल फेज कनेक्शन लेते हैं। नई व्यवस्था में 7 किलोवाट तक के एलटी सिंगल फेज कनेक्शन के लिए लोड के हिसाब से सर्विस चार्ज तय किया गया है।
| कनेक्शन लोड | सर्विस चार्ज |
|---|---|
| 3 किलोवाट तक | ₹900 |
| 3 किलोवाट से अधिक | ₹2,700 बेस चार्ज |
| 3 किलोवाट से ऊपर प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट | ₹1,000 अतिरिक्त |
इसका मतलब है कि 3 किलोवाट से ज्यादा लोड लेने वाले उपभोक्ताओं को बेस चार्ज के अलावा अतिरिक्त लोड के अनुसार भुगतान करना होगा।
थ्री फेज कनेक्शन के लिए कितना देना होगा?
बड़े घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए थ्री फेज कनेक्शन की दरें अलग रखी गई हैं।
| कनेक्शन लोड | सर्विस चार्ज |
|---|---|
| 5 किलोवाट तक | ₹4,500 |
| 5 किलोवाट से अधिक | ₹4,500 + प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹1,500 |
| 20 किलोवाट तक | ₹21,000 |
| 20 किलोवाट से अधिक | ₹21,000 + प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹2,000 |
वहीं, 45 से 150 किलोवाट तक के हाई टेंशन (HT) कनेक्शन के लिए ₹7,000 प्रति किलोवाट की दर बताई गई है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर से होगी बिजली की बिलिंग
नए नियमों के तहत 1 नवंबर से मिलने वाले नए कनेक्शनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जाएगा। इस व्यवस्था में उपभोक्ता को पहले बिजली के लिए रिचार्ज करना होगा और फिर इस्तेमाल के अनुसार बैलेंस घटेगा। इससे बिजली की खपत और उपलब्ध बैलेंस की जानकारी डिजिटल माध्यम से देखना आसान होगा।
इसके अलावा, बिजली की दरों में समय के अनुसार बदलाव यानी टाइम ऑफ डे (ToD) व्यवस्था भी लागू होने की जानकारी दी गई है। इसके तहत अलग-अलग समय पर बिजली की दरें अलग हो सकती हैं।

किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर?
नई दरें उन क्षेत्रों में लागू होंगी जहां पहले से बिजली आपूर्ति का बुनियादी ढांचा उपलब्ध है। निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद वितरण कंपनी तकनीकी जरूरत के अनुसार मीटर तक सर्विस लाइन और तार उपलब्ध कराएगी।
इस बदलाव से घर बनवा रहे लोगों, नए दुकानदारों और कारोबार शुरू करने वालों को कनेक्शन का बजट पहले से तय करना होगा। ध्यान रखें कि ये नया कनेक्शन लेने के सर्विस चार्ज हैं, हर महीने आने वाले बिजली बिल की दरें नहीं।




