
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसी बीच शुक्रवार सुबह एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच मुलाकात हुई। यह बैठक पटना के अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई, जो करीब 18 मिनट तक चली।
सूत्रों के मुताबिक, सुबह 10:57 बजे अमित शाह सीएम आवास पहुंचे, जहां पहले से ही नीतीश कुमार उनका इंतजार कर रहे थे। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात बेहद गोपनीय माहौल में हुई, जिसमें एनडीए में सीट बंटवारे से लेकर आगामी चुनावी रणनीति तक के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में एनडीए में सीटों के बंटवारे के बाद सीएम नीतीश कुमार नाराज बताए जा रहे थे। उन्होंने इस मुद्दे पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी एक अहम बैठक की थी। ऐसे में अमित शाह का यह पटना दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि शाह ने नीतीश कुमार को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि भाजपा और जदयू मिलकर बिहार में फिर से मजबूत वापसी करेंगे।
बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह सीधे पटना एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए, जहां से वे छपरा जिले के तरैया के लिए निकल गए। वहां वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे और चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाह और नीतीश की यह मुलाकात बिहार की राजनीति में कई समीकरणों को बदल सकती है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और जदयू के रिश्तों में आई दरार को भरने की कोशिश के रूप में भी इस बैठक को देखा जा रहा है।
नीतीश कुमार और अमित शाह के बीच हुई इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एनडीए गठबंधन में सब कुछ सामान्य हो पाएगा या आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण और बदलेंगे।




