
जनपद बांदा में फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना गिरवां पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब तीन दशकों से डकैती के मामले में फरार चल रहे वांछित अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पकड़े जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और फरार अपराधियों में भी दहशत का माहौल है।
यह कार्रवाई पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देशन में की गई। उनके निर्देश पर जिलेभर में पुराने वांछित अपराधियों और गैर-जमानती वारंटियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना गिरवां पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की।
पुलिस के अनुसार मामला वर्ष 1988 से संबंधित है और धारा 395 भादवि (डकैती) के तहत दर्ज था। यह प्रकरण माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित दाण्डिक अपील संख्या 1282/1988 से जुड़ा हुआ है। आरोपी के विरुद्ध न्यायालय द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह पिछले लगभग 30 वर्षों से फरार चल रहा था।
पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। थाना गिरवां पुलिस टीम ने सुरागरसी, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए केन नदी पुल के पास, ग्राम स्योढा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की सटीक रणनीति और तकनीकी निगरानी के चलते इतने पुराने मामले में वांछित अभियुक्त को दबोचने में सफलता मिली।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मुनव्वर पुत्र भिक्खा, निवासी ग्राम स्योढा, थाना गिरवां, जनपद बांदा के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार सैनी, उपनिरीक्षक गौरव कुमार मिश्रा और कांस्टेबल प्रहलाद सिंह शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
करीब तीन दशक पुराने मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस कार्रवाई से जहां एक ओर पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं लंबे समय से फरार चल रहे अन्य अपराधियों में भी भय का माहौल देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वांछित अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून से बच निकलने की कोशिश करने वालों पर सख्ती जारी रहेगी।




