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School Funds Misuse: बलरामपुर में परिषदीय विद्यालयों में रंगाई-पुताई और CMC धन के उपयोग पर सवाल

बलरामपुर में परिषदीय विद्यालयों में रंगाई-पुताई और CMC धन के उपयोग पर उठे सवाल, बीएसए से मांगा विवरण

बलरामपुर। रिपोर्ट – प्रमोद पाण्डेय
बलरामपुर जिले के विकासखंड हरैया सतघरवा क्षेत्र की ग्राम सभा महादेव अतरपरी में संचालित परिषदीय विद्यालयों में रंगाई-पुताई न कराए जाने और CMC (स्कूल प्रबंधन समिति) खातों में आने वाली धनराशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) बलरामपुर को सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत आवेदन देकर वर्ष 2023 से अब तक हुए सभी व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा मांगा है।

रंगाई-पुताई में हुई अनियमितताएँ

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम सभा महादेव अतरपरी में संचालित तीन परिषदीय विद्यालयों में पिछले लगभग दो वर्षों से रंगाई-पुताई का कोई कार्य नहीं कराया गया। इसके बावजूद हर वर्ष इस कार्य के लिए धनराशि आवंटित की जाती रही।

ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी मांगी, तो मानकविहीन तरीके से आनन-फानन में रंगाई-पुताई शुरू कर दी गई, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

CMC धन के उपयोग पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि CMC खाते में प्राप्त धनराशि का कोई स्पष्ट उपयोग नहीं हो रहा और इसकी जानकारी न तो अभिभावकों को दी जाती है और न ही ग्रामीणों को।
इसका नतीजा यह हुआ कि विद्यालयों में विकास कार्य पारदर्शी और प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रहे हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और CMC मद में प्राप्त धनराशि का पूर्ण लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए, ताकि भविष्य में शिक्षा और विद्यालय विकास कार्य पारदर्शी ढंग से हो सकें।

बलरामपुर के इस मामले ने शिक्षा और प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व को फिर से उजागर किया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे CMC धन के सही उपयोग और विद्यालयों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।

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