
बलरामपुर से बड़ी खबर सामने आई है।
मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना कर 11 करोड़ रुपये से अधिक के गबन के मामले में पुलिस ने दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई कोतवाली नगर थाना पुलिस द्वारा की गई है। आइए जानते हैं पूरी खबर।
मामला बलरामपुर जनपद का है, जहां मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बड़े पैमाने पर सरकारी धन के गबन का खुलासा हुआ है।
जांच के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिजलीपुर बाईपास से दो अभियुक्तों—
नूरुल हसन खान और गुलाम गौसुल बरा—को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्तों ने तत्कालीन जिला समन्वयक के साथ मिलकर
छात्र संख्या के आधार पर तैयार की जाने वाली एक्सेल शीट में हेरफेर की।
आरोप है कि कुछ विद्यालयों के खातों में धनराशि बढ़ा दी गई,
जबकि उतनी ही रकम अन्य विद्यालयों से घटा दी गई,
ताकि कुल स्वीकृत राशि में कोई अंतर दिखाई न दे और अतिरिक्त धनराशि को आपस में बांट लिया जाए।
पुलिस के अनुसार, इस घोटाले में अब तक कुल सात अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और
अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
बलरामपुर पुलिस का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।




