
बलरामपुर के थाना कोतवाली देहात पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में शुरुआती जांच और निगरानी के बाद अभियुक्तों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए, जिससे ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध की साजिश का पर्दाफाश हुआ।

गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से कंप्यूटर लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंकिंग विवरण, नकली आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से अभियुक्तों ने कई व्यक्तियों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया था।
ऑनलाइन धोखाधड़ी की प्रकृति
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट, नकली बैंक ऐप्स और सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों से पैसे वसूले गए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग या फंड ट्रांसफर के लिए संपर्क किया, लेकिन बाद में पता चला कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी थी।
पुलिस की भूमिका और जांच प्रक्रिया
थाना कोतवाली देहात के एसएसआई और साइबर सेल टीम ने गहन जांच और डिजिटल फॉरेंसिक के माध्यम से अभियुक्तों की पहचान की। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिक और प्रभावित लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यह साइबर अपराधियों के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है। लोगों ने अपील की कि भविष्य में भी ऐसी सक्रियताएँ जारी रहें ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी आ सके।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए हैं कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई, अदालत में पेशी और डिजिटल सबूतों का न्यायालय में सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जांच जारी है ताकि अन्य संभावित साइबर अपराधियों की पहचान की जा सके और उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।
बलरामपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि यह जनता की डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन लेनदेन में विश्वास बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




