
अलीगढ़।
महुआखेड़ा थाना क्षेत्र के क्यामपुर गांव में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब नगर निगम की टीम सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। टीम के साथ मौजूद एसडीएम सुमित और उनके साथ गए अधिकारीयों पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि एसडीएम को टीम के साथ दौड़कर अपनी जान बचानी पड़ी। हमले में एसडीएम की सरकारी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आईं।
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की यह टीम क्यामपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने गई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने टीम का विरोध करते हुए अचानक हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और टीम को घेर लिया। विरोध इतना बढ़ा कि कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे एसडीएम सुमित की गाड़ी के शीशे टूट गए।
बताया जा रहा है कि नगर निगम की टीम बिना पूर्व सूचना के क्षेत्रीय पुलिस को जानकारी दिए ही कार्रवाई के लिए पहुंच गई थी। इस वजह से मौके पर पर्याप्त पुलिस बल नहीं था, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में चार से पांच थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया गया। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
इस पूरे प्रकरण पर एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया और कुछ उपद्रवियों ने एसडीएम की गाड़ी पर हमला कर दिया। सभी दोषियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सीओ द्वितीय कमलेश कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक टीमों की सुरक्षा व्यवस्था और अतिक्रमण विरोधी अभियानों के दौरान समन्वय की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




