
अलीगढ़ शहर में लंबे समय से बेखौफ दौड़ रहे डग्गेमार वाहनों को लेकर अब भाजपा किसान मोर्चा ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ने आरटीओ कार्यालय पहुंचकर अवैध रूप से संचालित वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कार्रवाई के बावजूद डग्गेमार वाहन सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
विस्तार से खबर
अलीगढ़ शहर में डग्गेमार वाहनों का संचालन पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है। शहर के प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों से दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य रूटों पर अवैध रूप से वाहन संचालित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, ये वाहन शहर के अंदरूनी इलाकों में भी सवारियां भरकर नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डग्गेमार वाहनों की वजह से शहर में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े होने और सवारियां भरने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को रोजाना घंटों ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता है।
परिवहन विभाग समय-समय पर कार्रवाई का दावा जरूर करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है। कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही डग्गेमार वाहन फिर से उसी रफ्तार के साथ सड़कों पर उतर आते हैं। इससे लोगों में विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इसी समस्या को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ने आरटीओ कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की और लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने कहा कि डग्गेमार वाहनों का संचालन पूरी तरह अवैध है, इसके बावजूद इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीओ विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही ये वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं।
भाजपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही अवैध वाहनों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भाजपा किसान मोर्चा सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने प्रशासन से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और आम जनता को राहत दिलाने की मांग की।
स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि डग्गेमार वाहनों के कारण न केवल ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। बिना परमिट और नियमों के खिलाफ चलने वाले ये वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
अब सभी की नजर प्रशासन और परिवहन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। देखना होगा कि शिकायत के बाद विभाग अवैध वाहनों के खिलाफ कितना सख्त रुख अपनाता है और शहर को जाम व अव्यवस्था से कब तक राहत मिलती है।




