Sunday , April 21 2024

बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में हेमंत सोरेन पर उठाए सवाल, पढ़े पूरी ख़बर

झारखंड लोक सेवा आयोग ने 7वीं-10वीं जेपीएससी का कटऑफ जारी किया है। इसमें ओबीसी, ईबीसी, बीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ 532 तय किया गया है। इन चारों श्रेणियों के लिए बराबर कटऑफ जारी करने पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए हैं। बाबूलाल मरांडी ने इसे झारखंडी युवाओं के साथ धोखा करार दिया। उन्होंने हेमंत सरकार के फैसले को उटपटांग बताते हुए इसकी आलोचना की है। गौरतलब है कि बुधवार देर शाम कटऑफ जारी किया गया।
बाबूलाल मरांडी ने कटऑफ की आलोचना की बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर सरकार के फैसले की आलोचना की है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ एक बार फिर भद्दा मजाक किया है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण का ढोल पीटने वाली सरकार में जेपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में ओबीसी, ईबीसी, बीसी और ईडब्ल्यूएस, सभी के कटऑफ बराबर तय किए हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अब कल को उस उटपटांग फैसले को भी न्यायालय में चुनौती दी जाएगी तो हमारे सीएम साहब नाराज हो जाएंगे और चुनौती देने वाले की वंशावली खोजने लगेंगे। उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि इन उटपटांग फैसलों से अपना और राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने की बजाय नीतिगत फैसले लीजिए और युवाओं के भविष्य की चिंता कीजिए। बाबूलाल मरांडी ने क्यों कही वंशावली वाली बात गौरतलब है कि बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी कटऑफ को लेकर वंशावली वाला तंज वाला बयान मुख्यमंत्री के नियोजन नीति को लेकर डाली गई याचिका पर की गई टिप्पणी के संदर्भ में किया। दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सरकार द्वारा बनाई गई नियोजन नीति को रद्द कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने याचिका दायर करने वालों को बाहरी बता दिया था। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने भी यही बयान दिया था। हेमंत सरकार की नियोजन नीति हाईकोर्ट से रद्द बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सरकार द्वारा बनाई गई नियोजन नीति को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने नियोजन नीति को संविधान के अनुच्छेद-16 और अनुच्छेद-14 का उल्लंघन बताया था। कोर्ट ने सरकार को जल्द दूसरी नियोजन नीति बनाने को कहा। अब सरकार की सहयोगी कांग्रेस पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष ने भी नियोजन नीति को त्रुटिपूर्ण बताया है।  

Check Also

बंगाल सरकार ने चिड़ियाघर प्राधिकरण को सुझाए नाम

एक ही बाड़े में रखे शेर, शेरनी का नाम अकबर व सीता रखे जाने पर …