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Coronavirus : कोरोना संक्रमण के एक मरीज को लेकर वैज्ञानिकों ने किए कई खुलासे, जानिए ?

नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना से जंग अभी भी जारी है. इस बीच कोरोना के एक मरीज को लेकर बेहद ही चौकाने वाली खबर सामने आई है. ब्रिटेन में बेहद कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाला एक मरीज करीब डेढ़ साल तक कोरोना वायरस से संक्रमित रहा था.

वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी है. हालांकि अभी यह कहा नहीं जा सकता है कि क्या यह सबसे लंबे वक्त तक कोविड-19 से संक्रमित रहने का मामला है क्योंकि सभी लोगों के संक्रमण की जांच नहीं की गई.

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गायज एंड सेंट थॉमस के एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ ल्यूक ब्लैगडन स्नेल ने कहा कि लेकिन 505 दिन होने पर यह निश्चित तौर पर सबसे लंबे समय तक संक्रमण का मामला लगता है. स्नेल की टीम की इस इस हफ्ते के अंत में पुर्तगाल में संक्रामक रोगों की बैठक में कोविड-19 से लगातार संक्रमित रहे कई मामलों को पेश करने की योजना है.

505 दिन तक कोरोना से संक्रमित रहा मरीज

अध्ययन में यह पता लगाया गया है कि लंबे समय तक संक्रमित रहे मरीजों में कौन से म्यूटेशंस होते हैं और क्या संक्रमण के नए प्रकार पैदा होते हैं. इसमें कम से कम आठ सप्ताह तक संक्रमित पाए गए नौ मरीजों को शामिल किया गया है. सभी में अंग प्रत्यारोपण, एचआईवी, कैंसर या अन्य बीमारियों के इलाज के कारण कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली थी.

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बार-बार जांच से पता चला कि वे औसतन 73 दिनों तक संक्रमित रहे. दो मरीजों को एक साल से भी अधिक वक्त तक कोरोना वायरस रहा. इससे पहले शोधकर्ताओं ने कहा था कि पहले 335 दिनों तक संक्रमण रहने का मामला सामने आया था. लगातार कोविड-19 से संक्रमित रहना दुर्लभ और लंबे समय तक कोरोना वायरस से अलग है.

2020 में कोरोना से हुआ था संक्रमित

संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ ल्यूक ब्लैगडन स्नेल ने आगे कहा कि लंबे समय तक कोविड में आमतौर पर यह माना जाता है कि वायरस आपके शरीर से निकल गया है लेकिन उसके लक्षण अभी बने हुए हैं. लगातार संक्रमण में वायरस शरीर में बना रहता है. जो व्यक्ति सबसे लंबे समय तक संक्रमित पाया गया है, वह 2020 की शुरुआत में कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था और उसका वायरल रोधी दवा रेमेडेसिविर से इलाज किया गया, लेकिन 2021 में उसकी मौत हो गयी.

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अनुसंधानकर्ताओं ने मौत की वजह बताने से इनकार कर दिया और कहा कि इस मरीज को कई अन्य बीमारियां थीं. पांच मरीज बच गए. दो बिना इलाज के ही संक्रमण से ठीक हो गए, दो इलाज के बाद संक्रमण से उबरे जबकि एक अब भी संक्रमित है.

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