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जेवर एयरपोर्ट से होगा पश्चिमी यूपी का सबसे ज़्यादा विकास, सीएम योगी बोले- एक लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा, पढ़िए किस नेता ने क्या कहा ?

जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के शिलान्यास के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि 2014 के बाद भारत को हम सभी ने बदलते हुए देखा है। एक भारत श्रेष्ठ भारत को हम सभी बदलते हुए देख रहे हैं। कोरोना कालखंड में एक-एक नागरिक का जीवन और उसकी जीविका को सुरक्षा प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश के कोरोना के बेहतर प्रबंधन को पूरे विश्व ने सराहा है। आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी का आगमन पश्चिमी उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। यहां के किसानों ने गन्ने की मिठास को आगे बढ़ाने का कार्य किया है, पर कुछ लोगों ने गन्ने में कड़वाहट घोलने की असफल कोशिश भी की। आज यहाँ का क्षेत्र नई तरक्की की उड़ान भरने के लिए तैयार है। आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी का इस ऐतिहासिक अवसर पर हम सभी को स्वागत करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। आज सरकार बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद को उपलब्ध कराते हुए उत्तर प्रदेश विकास की राह पर निरन्तर आगे बढ़ रहा है। इस अवसर उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले किसानों का मंच से धन्यवाद किया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दुनिया के चैथे सबसे बड़े नोयडा के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया है। एयरपोर्ट के बन जाने से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद, मेरठ जैसे शहरों के साथ ही अन्य शहरों के करोड़ों लोगों को इसका फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से हर साल करीब सवा करोड़ यात्रियों का आवागमन संभव हो सकेगा। अब उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य बन गया है। योगी-मोदी की सरकार में उत्तर प्रदेश विकास की नई उचाइयां प्राप्त कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रदेश में विकास के नए अध्याय की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि आज युवाओं की आँखों मे चमक दिखाई पड़ रही है, कि आज उनका संकल्प और विकास का सपना पूरा हो रहा है।
प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के पड़ोसी राज्य, दिल्ली एनसीआर को भी फायदा होगा। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में प्रथम चरण में 10000 करोड़ का निवेश होगा। यह एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इसके बन जाने से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का काफी हद तक भार कम हो सकेगा। चार चरणों में बनने वाला एयरपोर्ट 2040 से 2050 तक पूरा होगा। जेवर एयरपोर्ट बन जाने से जहां आवागमन सुगम होगा वहीं व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे देश एवं प्रदेश आर्थिक ऊंचाइयों को भी छू सकेंगे। प्रथम चरण में 3300 एकड़ भूमि पर बनने वाले जेवर एयरपोर्ट से निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा। एक लाख से अधिक युवाओ को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सरकार की एयरपोर्ट के साथ ही एयरोसिटी विकसित करने की भी योजना है।
उन्होंने कहा कि नोयडा एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बेहतर अवसर है। सरकार एयर कनेक्टिविटी पर विशेष बल दे रही है। उत्तर प्रदेश में 11 हवाई अड्डों पर बड़ी तेजी के साथ काम चल रहा है। नोयडा हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की तरक्की का जेवर साबित होगा। यह हवाई अड्डा एशिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनेगा। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले इस एयरपोर्ट के विकास की जिम्मेदारी स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी को दी गई है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, एपैरल पार्क शामिल है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का अलीगढ़ नोड भी इस क्षेत्र के निकट है। दादरी में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब तथा बोडाकी में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र औद्योगिक और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों का सबसे बड़ा केन्द्र बनेगा। आज उत्तर प्रदेश में 9 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी में इण्टरनेशनल एयरपोर्ट पहले से ही संचालित हैं। अभी बीते दिनों प्रधानमंत्री जी ने कुशीनगर में एक इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया है। अयोध्या में एक इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण तेजी से चल रहा है। प्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी के कार्यों को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है। उड़ान योजना के चलते आज उत्तर प्रदेश में 9 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश के एयरपोर्ट केवल 25 स्थानों से जुड़े हुए थे, जिनकी संख्या आज 80 से अधिक हो चुकी है। प्रदेश सरकार 11 नये एयरपोर्ट को विकसित करने का काम कर रही है। इनमें सोनभद्र, चित्रकूट, ललितपुर, आजमगढ़, श्रावस्ती, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी को लगातार मजबूत किया है। विशेष तौर पर नेपाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को 4 लेन से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के मंत्रीगण एस0पी0 सिंह बघेल, संजीव बालियान, जनरल वी0के0सिंह, अशोक कटारिया, श्रीकांत शर्मा, जयप्रताप सिंह, धर्मसिंह सैनी, चैधरी भूपेन्द्र सिंह, चैधरी लक्ष्मी नारायण, जी0एस0 धर्मेश, धर्मवीर प्रजापति, सांसद सतीश गौतम, राजवीर सिंह राजू, राजवीर दिलेर, कान्ता कर्दम, डाॅ भोला सिंह, सुरेन्द्र नागर, पूर्व सांसद एवं मंत्री डाॅ महेश शर्मा, विधायक बिमला शोलंकी, अनीता लौधी, विजेन्द्र, देवेन्द्र लौधी, पंकज, तेजपाल नागर, संजय शर्मा, धीरेन्द्र सिंह, आर0पी0सिंह सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित रहें। कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं सफल बनाने में मंडल आयुक्त मेरठ सुरेंद्र सिंह, पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना विकास प्राधिकरण डॉ अरुण वीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा ऋतु महेश्वरी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा नरेंद्र भूषण, जिलाधिकारी सुहास एल वाई तथा उनके टीम के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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