
स्लग – इंस्टाग्राम पर मौत की आहट, ज़मीन पर लटका सच: प्रेमिका के घर के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव
रिर्पोट –अंकित तिवारी| कानपुर देहात
मरने से पहले सोशल मीडिया पर लिखा—“अगर मुझे कुछ हो जाए तो प्रेमिका के घर वाले जिम्मेदार”, परिजनों ने साजिशन हत्या का लगाया आरोप
कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के भिल्सी गांव में एक प्रेम कहानी अचानक अपराध की दहलीज पर आ खड़ी हुई। नीम के पेड़ से मफलर के फंदे पर लटका मिला 23 वर्षीय शटरिंग कारीगर का शव न सिर्फ एक युवक की मौत की कहानी कह रहा था, बल्कि उसके पीछे छिपे डर, आशंका और सोशल मीडिया पर पहले ही लिखी गई चेतावनी को भी उजागर कर रहा था।
मृतक की पहचान अखिलेश कुमार, निवासी कंठीपुर (थाना साढ़) के रूप में हुई। सुबह जब ग्रामीणों की नजर प्रेमिका के घर के पास स्थित नीम के पेड़ पर पड़ी, तो गांव में सनसनी फैल गई। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीओ अकबरपुर संजय सिंह और गजनेर थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को नीचे उतरवाया।
परिजन इस मौत को आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। मृतक की बहन लक्ष्मी और पिता छेदीलाल का आरोप है कि अखिलेश को प्रेम प्रसंग के नाम पर साजिशन गांव बुलाया गया। रात में उसकी पिटाई कर हत्या की गई और बाद में सबूत मिटाने के इरादे से शव को पेड़ से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
मामले को और रहस्यमय बनाती है वह डिजिटल डायरी, जो अखिलेश ने मरने से पहले इंस्टाग्राम पर लिखी। पोस्ट में उसने साफ कहा था कि प्रेमिका पहले भागकर शादी की बात कर रही थी, लेकिन गांव पहुंचते ही मुकर गई। उसने यह भी लिखा कि उसे जान से मारने की कोशिश की गई है और अगर उसके साथ कुछ होता है तो प्रेमिका और उसके परिजन जिम्मेदार होंगे। इन पोस्टों में वह खुद को जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपता हुआ भी बताता है।
परिजनों के अनुसार, अखिलेश बेंगलुरु में काम करता था और वहीं से सीधे भिल्सी गांव पहुंचा था। परिवार को उसके गांव आने की भनक तक नहीं लगी। अब पुलिस ने तहरीर के आधार पर किशोरी, उसके पिता, मां और भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। यह मामला अब सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सवाल बन गया है—क्या सोशल मीडिया पर लिखी गई आशंका एक युवक की आखिरी चीख थी?
बाइट – संजय सिंह, सीओ सदर




