
रिपोर्टर : लक्ष्मीकांत तिवारी
बांदा, उत्तर प्रदेश | 08 दिसंबर 2025
बांदा में अवैध प्लॉटिंग पर अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। बांदा विकास प्राधिकरण के प्रर्वतन दल ने नरैनी रोड स्थित बांदा मेडिकल कॉलेज के पीछे चल रही अवैध प्लॉटिंग को आज भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह प्लॉटिंग भू-स्वामी श्रीमती उर्मिला, श्री किशोरी उर्फ बुल्लू तथा विक्रेता अजीत गुप्ता, प्रकाश मिश्रा और राजभवन उपाध्याय द्वारा की जा रही थी।
कार्रवाई की पूरी समयरेखा
प्राधिकरण ने इस प्रकरण में पहले ही 31 जुलाई 2025 को चालानी कार्यवाही करते हुए वाद संख्या 124/2025 दर्ज किया था।
इसके बाद विपक्षियों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया। सुनवाई पूरी होने पर 22 सितंबर 2025 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए गए थे और 30 दिनों के भीतर खुद अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था।
लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी न तो अवैध प्लॉटिंग हटाई गई और न ही कोई अनुपालन रिपोर्ट सौंपी गई। अंततः 08 दिसंबर 2025 को बांदा विकास प्राधिकरण ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ पूरे अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया।
ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासन की पूरी टीम मौजूद
अवैध प्लॉटिंग ढहाने की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत
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अपर पुलिस अधीक्षक,
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नायब तहसीलदार,
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बांदा विकास प्राधिकरण का प्रर्वतन दल,
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और स्थानीय पुलिस बल
पूरा समय मौके पर तैनात रहा। किसी प्रकार की बाधा न आए इसके लिए इलाके को पहले ही सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था।
प्राधिकरण की सख्त चेतावनी — अवैध प्लॉटिंग में प्लॉट खरीदना अपराध
बांदा विकास प्राधिकरण ने शहरवासियों को दो-टूक चेतावनी जारी की है कि—
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अवैध प्लॉटिंग में प्लॉट न खरीदें।
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बिना अनुमोदन के किए जा रहे भू-क्रय-विक्रय में शामिल होना कानूनी अपराध है।
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ऐसे मामलों में कभी भी सख्त विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
विकास प्राधिकरण के सचिव ने स्पष्ट कहा कि बांदा शहर में अब किसी भी तरह की अवैध कॉलोनी, अवैध लेआउट या अवैध प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर को सुव्यवस्थित विकास की दिशा में ले जाने के लिए यह कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।




