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Nora Fatehi Summons: 200 करोड़ की वसूली मामले में नोरा फतेही को कोर्ट की फटकार, अब 6 नवंबर को होना होगा पेश

200 करोड़ वसूली केस में नोरा फतेही को कोर्ट की फटकार, नया समन जारी

बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही एक बार फिर सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के कथित जबरन वसूली मामले को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को अभिनेत्री के पेश न होने पर नाराजगी जताई और उन्हें नया समन जारी किया। अदालत ने अब उन्हें 6 नवंबर को गवाही देने के लिए पेश होने का निर्देश दिया है।

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि नोरा फतेही को समन भेजा गया था, लेकिन उनकी पेशी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। वहीं, अभिनेत्री के वकील ने उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग की। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गवाह को अदालत में उपस्थित होना चाहिए था और उसके व्यवहार को उचित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अदालत को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

अभियोजन पक्ष की गवाह हैं नोरा फतेही

इस मामले में नोरा फतेही को आरोपी नहीं, बल्कि अभियोजन पक्ष की गवाह के रूप में बुलाया गया है। उनका नाम केस की तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में गवाह नंबर तीन यानी LW-3 के तौर पर दर्ज है। अदालत में उनकी गवाही इस मामले की सुनवाई का हिस्सा होगी।

इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) नोरा फतेही से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी ने सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस से अभिनेत्री के कथित संपर्कों के संबंध में सवाल किए थे। नोरा ने जांचकर्ताओं को बताया था कि सुकेश से उनका संपर्क उसकी पत्नी के माध्यम से हुआ था।

क्या है 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली का मामला?

यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस के आरोपों के मुताबिक, सुकेश ने दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से संपर्क किया था।

आरोप है कि उसने अदिति सिंह को उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने का भरोसा दिलाया और इसी बहाने वर्ष 2020-21 के दौरान करीब 200 करोड़ रुपये की कथित वसूली की। पुलिस के मुताबिक, इस काम में फर्जी पहचान और फोन कॉल स्पूफिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने की और आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।

6 नवंबर की पेशी पर रहेगी नजर

अब अदालत ने नोरा फतेही को 6 नवंबर को उपस्थित होकर अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बयान देने का निर्देश दिया है। इस तारीख पर उनकी पेशी और अदालत में होने वाली कार्यवाही पर सबकी नजर रहेगी।

गौरतलब है कि किसी मामले में गवाह के तौर पर समन जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को आरोपी या दोषी मान लिया गया है। नोरा फतेही की भूमिका फिलहाल इस मामले में गवाह की है।

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