
नई दिल्ली: बरसात के मौसम में बाजारों में जामुन की खूब बिक्री होती है। स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा यह मौसमी फल पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। जामुन में विटामिन-सी, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। अगर आपको जामुन सीधे खाना पसंद नहीं है, तो आप इसका ताज़ा जूस बनाकर भी इसका भरपूर लाभ उठा सकते हैं। आइए जानते हैं जामुन का जूस बनाने की आसान विधि और इसके प्रमुख फायदे।

जामुन का जूस बनाने की आसान विधि
सबसे पहले अच्छी तरह पके हुए गूदेदार जामुन को धो लें। इसके बाद जामुन का गूदा निकालकर गुठलियां अलग कर दें। गूदे को मिक्सर जार में डालें और उसमें स्वादानुसार काला नमक, भुना जीरा, थोड़ा चाट मसाला, 4–5 पुदीने की पत्तियां, 5–6 बर्फ के टुकड़े और थोड़ा पानी मिलाएं।
अब सभी सामग्री को अच्छी तरह पीस लें। अगर जूस ज्यादा गाढ़ा लगे तो आवश्यकतानुसार पानी मिला सकते हैं। बेहतर स्वाद और पोषण के लिए इसे बिना छाने ही पीना अधिक फायदेमंद माना जाता है।
ऐसे करें सर्व
सर्व करने से पहले एक प्लेट में नमक, लाल मिर्च पाउडर और चाट मसाला मिलाएं। गिलास के किनारों को हल्का गीला करके इस मसाले में डुबो दें। फिर गिलास में बर्फ के टुकड़े डालकर तैयार जामुन का जूस भरें। चाहें तो नींबू की एक स्लाइस लगाकर ठंडा-ठंडा परोसें।
जामुन खाने के प्रमुख फायदे
- जामुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
- आयरन की अच्छी मात्रा होने के कारण यह शरीर में खून की कमी दूर करने में सहायक माना जाता है।
- फाइबर से भरपूर होने की वजह से यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
- पोटैशियम की मौजूदगी हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है।
- जामुन का सेवन ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक हो सकता है, हालांकि मधुमेह के मरीज इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपनी डाइट में शामिल करें।
- विटामिन-सी और अन्य पोषक तत्व त्वचा और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माने जाते हैं।
बरसात के मौसम में ताजा जामुन से बना यह जूस स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है। सीमित मात्रा में इसका सेवन संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।




