Killer Move : 8 बार पटककर की हत्या, फिर रचा नई साजिश; बड़ा खुलासा

फिरोजाबाद। शिकोहाबाद के यादव कॉलोनी में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह आत्महत्या करने का विचार बना चुका था, लेकिन बाद में उसने अपना इरादा बदल लिया और गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार होने की योजना बनाने लगा।

पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कुछ समय तक मानसिक रूप से अस्थिर और भयभीत रहा। पूछताछ में उसने बताया कि मासूम की हत्या के बाद उसे गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर सताने लगा था। इसी कारण उसके मन में आत्महत्या करने के विचार भी आए, लेकिन कुछ घंटों बाद उसने खुद को बचाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी।

शव फेंककर गलियों में भटकता रहा आरोपी

जांच में सामने आया है कि मासूम आरव की हत्या के बाद आरोपी शव को घर के गेट के पास फेंककर मौके से फरार हो गया था। मुख्य मार्गों और चौराहों पर पुलिस की संभावित मौजूदगी तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के डर से उसने प्रमुख सड़कों का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय वह कई घंटों तक शिकोहाबाद की सुनसान और अंदरूनी गलियों में घूमता रहा तथा लगातार छिपने के सुरक्षित ठिकाने तलाशता रहा।

एटा के रास्ते बदायूं भागने की थी योजना

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी सीधे अपने गृह जनपद बदायूं नहीं जाना चाहता था। उसे आशंका थी कि पुलिस वहां पहले से निगरानी बढ़ा सकती है। इसलिए उसने शिकोहाबाद से पहले एटा पहुंचने और वहां से बदायूं भागने की योजना बनाई थी। वह किसी भी बस अड्डे या सार्वजनिक स्थान पर दिखाई देने से बच रहा था और रात होने का इंतजार कर रहा था ताकि पुलिस को चकमा देकर फरार हो सके।

हत्यारोपी को फांसी दिलाने के लिए एकजुट हुई यादव कॉलोनी

मासूम आरव की दर्दनाक हत्या के बाद यादव कॉलोनी के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। सोमवार को कॉलोनी के निवासियों, महिलाओं और प्रबुद्धजनों ने बैठक कर ऐलान किया कि वे मामले में अदालत में गवाही देने के लिए तैयार हैं और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अपराध अत्यंत जघन्य और अमानवीय है। ऐसे अपराधी को किसी भी स्थिति में कानून से बचने नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाने की मांग की है।

वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तैयार हो रही चार्जशीट

मामले की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी विराज के खिलाफ मजबूत और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जा रही है। घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य है।

इसके अलावा, घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों, शव देखने वाले प्रत्यक्षदर्शियों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि अदालत में आरोपी को दोषी साबित करने के लिए हर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि उसे कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाई जा सके।

क्या था पूरा मामला?

पुलिस जांच के अनुसार, मूल रूप से बदायूं निवासी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक अपने रिश्ते की भाभी रती देवी पर शादी का दबाव बना रहा था। रती देवी ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसी रंजिश में शनिवार को आरोपी शिकोहाबाद पहुंचा और रती के डेढ़ वर्षीय बेटे आरव को टॉफी दिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया।

घर से लगभग 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर आरोपी ने महज 27 सेकंड के भीतर मासूम को लगातार आठ बार पक्की सड़क पर पटक दिया। गंभीर चोटों के कारण बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

वारदात के बाद आरोपी शव को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया था। हालांकि पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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