Tuesday , May 19 2026

Supreme Court Order – आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 2025 का आदेश बरकरार, 9 कड़े निर्देश जारी

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 9 निर्देशों के साथ पुराना आदेश बरकरार

नई दिल्ली। देशभर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक, डॉग बाइट की घटनाओं और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आवारा कुत्तों को लेकर पहले जारी किए गए वर्ष 2025 के आदेश को बरकरार रखते हुए सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, नगर निकायों और पशु कल्याण संस्थाओं के लिए 9 महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।Order Reserved in Supreme Court Face-Off on Stray Dog Relocation | Legal News | LawFul Talks

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इंसानों की सुरक्षा और पशुओं के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अदालत ने माना कि कई शहरों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है। वहीं अदालत ने यह भी कहा कि जानवरों के साथ क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।

अदालत ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे आवारा कुत्तों के नियंत्रण, टीकाकरण और नसबंदी की व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करें। अदालत ने यह भी माना कि कई राज्यों में नियमों का सही पालन नहीं हो रहा है, जिसके कारण समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

कोर्ट ने कहा कि सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही पशु कल्याण कानूनों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के 9 बड़े निर्देश

  1. सभी नगर निगम और स्थानीय निकाय आवारा कुत्तों की पहचान और गणना करें।
  2. नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान को तेज किया जाए।
  3. स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए।
  4. डॉग बाइट मामलों के लिए त्वरित शिकायत तंत्र बनाया जाए।
  5. पशु क्रूरता रोकने के नियमों का सख्ती से पालन हो।
  6. आवारा कुत्तों को निर्धारित स्थानों पर ही भोजन कराया जाए।
  7. स्थानीय प्रशासन नियमित रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपे।
  8. रेबीज नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय मिलकर अभियान चलाएं।
  9. नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए।

सभी याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दाखिल सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि पहले से लागू आदेश पर्याप्त हैं और उनका प्रभावी पालन ही समस्या का समाधान है। अदालत ने यह भी कहा कि बार-बार समान मुद्दों पर नई याचिकाएं दाखिल करने से न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है।

लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ पशु प्रेमी संगठनों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है, वहीं कई नागरिक संगठनों ने डॉग बाइट की घटनाओं को देखते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आदेश जारी करने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि नगर निकायों को जमीनी स्तर पर कार्रवाई करनी होगी। नसबंदी, टीकाकरण और कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाकर ही आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले

देश के कई राज्यों में पिछले कुछ वर्षों में डॉग बाइट के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पतालों में रेबीज इंजेक्शन की मांग भी लगातार बढ़ रही है। कई मामलों में छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया।

सरकारों के सामने बड़ी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकारों और नगर निकायों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर लागू करने की होगी। अदालत ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि नियमों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

Check Also

DM Ashutosh Mohan Agnihotri -कन्नौज में कथा का प्रसाद खाने से 50 से ज्यादा लोग बीमार, 5 गंभीर कानपुर रेफर

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सत्यनारायण कथा …