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Water Bottles Seized : बेगमपुरा एक्सप्रेस में छापेमारी, 144 पानी की बोतलें बरामद

बेगमपुरा एक्सप्रेस में रेलवे का बड़ा अभियान: 144 अवैध पानी की बोतलें बरामद, फर्जी ब्रांड के कारोबार पर शिकंजा

ndian Railways के अंतर्गत चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा और खानपान की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को Begampura Express में रेलवे की स्थानीय वाणिज्य टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 144 अवैध पानी की बोतलें बरामद कीं। यह कार्रवाई उस समय की गई जब ट्रेन Sultanpur Railway Station के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची थी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों में लंबे समय से गैर-अनुमोदित वेंडरों द्वारा नकली और संदिग्ध ब्रांड के पानी की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर रेलवे प्रशासन ने विशेष जांच अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान स्लीपर कोच के गेट के पास 12 पेटियों में रखी कुल 144 पानी की बोतलें बरामद हुईं। हालांकि मौके पर मौजूद संदिग्ध वेंडर टीम को देखकर फरार हो गए और किसी ने भी इन बोतलों पर अपना स्वामित्व स्वीकार नहीं किया।

शिकायतों के बाद रेलवे हरकत में

सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों की ओर से लगातार यह शिकायत की जा रही थी कि कई ट्रेनों में निर्धारित ब्रांड के बजाय सस्ते और फर्जी ब्रांड का पानी बेचा जा रहा है। यात्रियों से अधिक कीमत वसूलने के साथ-साथ उनकी सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।

लखनऊ रेल मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक केके यादव के निर्देश पर स्थानीय वाणिज्य विभाग की टीम गठित की गई। टीम ने रविवार दोपहर वाराणसी से जम्मूतवी जाने वाली बेगमपुरा अप एक्सप्रेस पर नजर रखी। जैसे ही ट्रेन सुल्तानपुर स्टेशन पहुंची, टीम ने तत्काल स्लीपर कोचों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

स्लीपर कोच के गेट के पास मिलीं बोतलें

जांच के दौरान रेलवे टीम को स्लीपर कोच के प्रवेश द्वार के पास बड़ी मात्रा में पानी की पेटियां रखी मिलीं। टीम ने जब इन बोतलों की जांच की तो पता चला कि वे रेलवे द्वारा अनुमोदित ब्रांड की नहीं थीं। कुल 12 पेटियों में 144 बोतलें बरामद की गईं।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बोतलों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। प्रथम दृष्टया मामला अवैध बिक्री और संभवतः नकली ब्रांड से जुड़ा माना जा रहा है। बरामद बोतलों को जब्त कर लिया गया है और उनके नमूनों की जांच कराई जाएगी।

रेलवे की टीम के पहुंचते ही कथित वेंडर मौके से भाग निकले। इससे यह भी संकेत मिला कि वे बिना अनुमति के ट्रेन में सामान बेच रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ का आरोप

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ट्रेनों में अवैध वेंडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यात्रियों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। कई बार नकली पानी की बोतलों में स्थानीय स्तर पर भरा गया असुरक्षित पानी इस्तेमाल किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में ट्रेन यात्रियों द्वारा सबसे अधिक पानी खरीदा जाता है। ऐसे में फर्जी ब्रांड के नाम पर बेचा जाने वाला पानी संक्रमण और बीमारियों का कारण बन सकता है। रेलवे इसी कारण खानपान और पेयजल व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी बढ़ा रहा है।

यात्रियों ने भी रेलवे की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। कई यात्रियों का कहना था कि ट्रेन में कई बार अधिक कीमत पर संदिग्ध गुणवत्ता वाला पानी बेचा जाता है। रेलवे द्वारा की गई कार्रवाई से ऐसे लोगों में डर पैदा होगा।

बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार

रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेनों में अधिकृत वेंडरों को ही खाद्य सामग्री और पानी बेचने की अनुमति होती है। इसके लिए लाइसेंस और गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य होता है। लेकिन कुछ लोग अवैध तरीके से ट्रेनों में प्रवेश कर कम कीमत पर नकली सामान खरीदते हैं और यात्रियों को ऊंचे दाम पर बेचते हैं।

बताया जा रहा है कि यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था। कई बार अवैध वेंडर रेलवे कर्मचारियों की नजर बचाकर ट्रेन में चढ़ जाते हैं और कोचों में घूम-घूमकर बिक्री करते हैं। रेलवे की इस कार्रवाई के बाद अब सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किए जाने की संभावना है।

रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा

लखनऊ रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रमुख ट्रेनों में आगे भी इसी तरह का जांच अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बरामद पानी की बोतलों के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में बड़े स्टेशनों और ट्रेनों में औचक निरीक्षण बढ़ाया जाएगा।

स्टेशन और ट्रेनों में बढ़ेगी निगरानी

रेलवे प्रशासन अब स्टेशनों पर प्रवेश करने वाले अनधिकृत वेंडरों पर विशेष नजर रखने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आरपीएफ और वाणिज्य विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, कई ट्रेनों में खानपान सामग्री और पानी की अवैध बिक्री की शिकायतें मिल रही हैं। रेलवे अब प्रमुख ट्रेनों में नियमित चेकिंग अभियान चलाने की योजना बना रहा है ताकि यात्रियों को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।

यात्रियों से भी की गई अपील

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री और पानी खरीदें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन में सामान बेचता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या टीटीई को दें।

अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सतर्कता से ही इस तरह के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।

लगातार हो रही कार्रवाई से बढ़ेगा दबाव

रेलवे के इस अभियान को अवैध वेंडिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित जांच होती रही तो ट्रेनों में नकली पानी और अवैध खाद्य सामग्री बेचने वाले गिरोहों पर दबाव बढ़ेगा।

बेगमपुरा एक्सप्रेस में हुई इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे अब यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता। आने वाले दिनों में अन्य ट्रेनों और स्टेशनों पर भी इसी तरह के अभियान देखने को मिल सकते हैं।

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