
उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में पुलिस प्रशासन आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जालौन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए गूगल मीट के माध्यम से वर्चुअल जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न थानों और पुलिस कार्यालयों में पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को सुना गया। बैठक में जिले के सभी क्षेत्राधिकारी (सीओ) और थाना प्रभारी भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
जालौन के पुलिस अधीक्षक ने गूगल मीट के जरिए आयोजित इस वर्चुअल जनसुनवाई में जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के अलग-अलग थानों में पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को संबंधित क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के सामने रखा गया, ताकि मामलों का तुरंत संज्ञान लेकर उनका निस्तारण किया जा सके।
एसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि थानों और पुलिस कार्यालयों में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसका गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से बार-बार थाने या कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखते हुए शिकायतों की जांच की जाए और यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके अलावा एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाए और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विवादित मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्चुअल जनसुनवाई का उद्देश्य यह है कि जिले के किसी भी कोने में रहने वाले व्यक्ति की समस्या सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंच सके और उसका समाधान जल्द से जल्द किया जा सके। इससे पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में एसपी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराई। अधिकारियों को यह भी हिदायत दी गई कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस विभाग की इस पहल से आम लोगों को अपनी समस्याएं रखने के लिए एक प्रभावी मंच मिल रहा है। साथ ही अधिकारियों के सीधे जुड़ने से शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद भी जताई जा रही है।




