
आगामी त्योहारों को देखते हुए जनपद जालौन में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक ने नगर उरई में स्वयं सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त कर अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि शांति व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
जनपद जालौन में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी नगर तथा उरई कोतवाली पुलिस बल के साथ नगर के प्रमुख मार्गों पर पैदल गश्त की।
फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने सर्राफा बाजार सहित अन्य सार्वजनिक व अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण किया। बाजारों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिस बल की सतर्कता को परखा गया और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने विशेष रूप से संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त चौकसी बरतने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए और आवश्यक होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अफवाहों और भ्रामक संदेशों पर तत्काल रोक लगाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और कोई संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
त्योहारों के मद्देनज़र की गई इस सक्रियता का उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का विश्वास कायम करना है। बाजारों में गश्त और अधिकारियों की मौजूदगी से आमजन में भरोसा बढ़ा है, वहीं असामाजिक तत्वों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में भी इसी तरह सघन गश्त और निगरानी जारी रहेगी, ताकि जनपद में त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें।




