बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कोतवाली देहात पुलिस ने एक संगठित चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का इलेक्ट्रॉनिक सामान, सोलर उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम, बैटरियां, CCTV उपकरण और चोरी में प्रयुक्त वाहन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय चोरी की कई घटनाओं का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

लंबे समय से सक्रिय था संगठित गिरोह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से जिले और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। आरोपी खासतौर पर सरकारी स्कूलों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक संस्थानों को अपना निशाना बनाते थे। इन स्थानों पर लगे कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सोलर सिस्टम और कंप्यूटर चोरी कर वे मोटा मुनाफा कमाते थे।
स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधानों की ओर से लगातार चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाई।
रात्रि गश्त के दौरान मिली बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योति श्री के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।
थाना कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम रात्रि गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध क्विड कार में कुछ लोग चोरी का सामान लेकर जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान कार में मौजूद दो युवकों के पास से संदिग्ध सामान बरामद हुआ, जिसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में उगला राज, चार और आरोपी गिरफ्तार
कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चार अन्य साथियों को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। इस तरह कुल छह शातिर चोर पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पूरी योजना के तहत चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और हर वारदात से पहले रेकी करते थे।
चोरी का बेहद शातिर तरीका
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य पहले रात के समय सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों की निगरानी करते थे। मौका मिलते ही वे सबसे पहले CCTV कैमरों को तोड़ देते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इसके बाद DVR निकालकर उसका डाटा डिलीट कर देते थे।
इसके बाद वे कंप्यूटर सिस्टम, इन्वर्टर, UPS, सोलर पैनल, बैटरी, प्रिंटर और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर लेते थे। चोरी किया गया सारा सामान एक खंडहर मकान में छिपाया जाता था, जहां से बाद में उसे बेचने की योजना बनाई जाती थी।
भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है। बरामदगी में शामिल हैं—
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एलईडी टीवी
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कंप्यूटर सिस्टम और मॉनिटर
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प्रिंटर और UPS
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सोलर पैनल व बैटरियां
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CCTV कैमरे और DVR
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मोटर पम्प
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गैस सिलेंडर
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चोरी में प्रयुक्त क्विड कार
बरामद सामान की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह सामान विभिन्न सरकारी संस्थानों से चोरी किया गया था।
जिले में दहशत का कारण था गिरोह
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं। कई जगहों पर बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही थी, क्योंकि कंप्यूटर और सोलर सिस्टम चोरी हो जाने से स्कूलों में व्यवस्थाएं ठप हो गई थीं।
गिरोह की गिरफ्तारी से ग्रामीण इलाकों में राहत की सांस ली जा रही है।
पुलिस कर रही आगे की जांच
पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने और किन-किन जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है और यदि इनके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े पाए गए, तो और गिरफ्तारियां भी की जाएंगी।
कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। जिले में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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