
बुलंदशहर में गन्ना बकाया और ट्यूबवेल बिजली बिल समेत कई मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाकियू के बैनर तले किसानों ने जिला कलक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। किसानों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता आज बड़ी संख्या में बुलंदशहर कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। किसानों ने ढोल-नगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि बृजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल पर उनका करीब 26 करोड़ रुपये का गन्ना बकाया है, जो अब तक नहीं चुकाया गया है।
किसानों ने आरोप लगाया कि गन्ना भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण उनकी खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर ट्यूबवेल बिजली बिलों का बोझ भी किसानों पर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है।
धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहते हैं।
ḷll;मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के अधिकारी किसानों से बातचीत करने पहुंचे। अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद ही धरने को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता बुलंदशहर कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो। अब सबकी निगाहें अफसरों और किसानों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हुई हैं।




