टॉप न्यूज़व्यापार

सबसे ज्यादा मेट्रो का खिताब रखने वाला राज्य! नई मेट्रो का ट्रायल भी शुरू

Meerut Metro Trail: यूपी में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक्सप्रेसवे के अलावा मेट्रो का निर्माण भी किया जा रहा है। मेरठ शहर में भी एनसीआरटीसी ने मेट्रो का ट्रायल शुरू कर दिया है।

Meerut Metro Trail: उत्तर प्रदेश सरकार सफर में लगने वाले समय को कम करने के लिए एक्सप्रेसवे बना रही है। इसके साथ ही मेट्रो का भी विस्तार किया जा रहा है। इस कड़ी में मेरठ शहर में भी मेट्रो का निर्माण कराया गया है, जिसके लिए ट्रायल शुरू कर दिए गए हैं। जल्द ही इन सभी स्टेशनों को यात्रा के लिए भी खोल दिया जाएगा। मेरठ में 3 अडंरग्राउंड मेट्रो स्टेशन समेत कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जानिए दिल्ली के बाद किस राज्य में सबसे ज्यादा मेट्रो स्टेशन हैं।

मेरठ मेट्रो से जुड़ी खास बातें

मेरठ साउथ स्टेशन पर मेट्रो का ट्रायल किया गया, जिसकी स्पीड पहले तो हल्की रही, लेकिन वापसी में इसकी स्पीड को बढ़ा दिया गया। इन ट्रेनों को 40 किमी प्रति घंटे की स्पीड से लेकर 135 किमी प्रति घंटे की स्पीड के लिए परीक्षण किया जा रहा है। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 23 किलोमीटर रहेगी। इसमें 18 किमी का एलिवेटेड और 5 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।

यूपी में मेट्रो का विस्तार

इसमें कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं जिसमें से 3 अडंरग्राउंड स्टेशन हैं। इन स्टेशनों में मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, भैंसाली, शताब्दी नगर, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल और मोदीपुरम डिपो का नाम शामिल है। इसके अलावा यूपी में अभी गाजियाबाद, कानपुर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में मेट्रो से लोग सफर कर रहे हैं। वहीं, वाराणसी मेट्रो, प्रयागराज मेट्रो, गोरखपुर मेट्रो और बरेली मेट्रो को बनाने के लिए भी विचार किया जा रहा है। दिल्ली में सबसे ज्यादा मेट्रो हैं, लेकिन दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा मेट्रो स्टेशन वाला राज्य यूपी बन गया है।

हरियाणा में भी मेट्रो का निर्माण

उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों में मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं उसी में हरियाणा का नाम भी शामिल है। जहां पर 24 किलोमीटर लंबे रूट पर लगभग 10 स्टेशन बनाने की योजना है। जिसमें पहला स्टेशन बल्लभगढ़, सेक्टर 58-59, सीकरी, सोफ्ता, पृथला, बघौला, आल्हापुर और पलवल बनाया जाएगा। ज्यादा मेट्रो वाले शहरों में बंगलुरू का नाम भी शामिल है।

यह भी पढ़ें:10 में से 4 सरकारी टेंडर्स Make in India के नियमों का पालन नहीं कर सकते, जानें क्या कहते हैं आंकड़े?

Related Articles

Back to top button