
पाकिस्तान में हुए आतंकी बम ब्लास्ट की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद में आतंकवाद के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नासिरगंज कस्बे में शिया समुदाय के नेतृत्व में निकाले गए इस प्रदर्शन में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने एकजुट होकर आतंकवाद और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनिर का पुतला दहन किया गया और आतंकवाद मुर्दाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
यह विरोध प्रदर्शन शिया समुदाय की संस्था अंजुमन हुसैनिया नासिरगंज की ओर से आयोजित किया गया था। जैसे ही शिया समुदाय के लोग आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाते हुए सड़कों पर उतरे, वैसे ही हिंदू समाज और अन्य मुस्लिम समुदाय के लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल होते चले गए। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन सांप्रदायिक एकता और आतंकवाद के खिलाफ साझा आवाज का प्रतीक बन गया।
पूरा मामला श्रावस्ती जनपद के नासिरगंज कस्बे का है। जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित शिया जामा मस्जिद में हुए बम ब्लास्ट में शिया समुदाय के कई लोग शहीद हो गए थे। इसी घटना के विरोध और शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से नासिरगंज में सबसे पहले दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को याद किया गया।
इसके बाद आतंकवाद और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला गया, जो नासिरगंज स्थित हुसैनिया इमामबाड़े से शुरू होकर मुख्य चौराहे तक पहुंचा। मुख्य चौराहे पर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और आसिम मुनिर के पुतले का दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की।
प्रदर्शन के मद्देनजर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया और पूरे प्रदर्शन पर कड़ी निगरानी रखी गई। वहीं इस विरोध प्रदर्शन में आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जिससे यह प्रदर्शन सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का उदाहरण बन गया।
प्रदर्शन के दौरान नायब तहसीलदार जमुनहा को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें पाकिस्तान में हो रहे आतंकी हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा कराने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना था कि जहां आतंकवाद है, वहां इस्लाम नहीं है और जहां इस्लाम है, वहां आतंकवाद नहीं हो सकता। उन्होंने आतंकवाद को मानवता का दुश्मन बताते हुए पूरी दुनिया से इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से श्रावस्ती के लोगों ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश के सभी धर्म और समुदाय एक साथ खड़े हैं और पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




