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Panchayat Movie : पंचायत पर बनेगी फिल्म? रघुबीर यादव ने बताया क्या है मेकर्स का प्लान

'मिर्जापुर' के बाद क्या अब 'पंचायत' पर बनेगी फिल्म? प्रधान जी ने बताया सच, बोले- कहानी को 3 घंटे में समेटना मुश्किल

ओटीटी की लोकप्रिय वेब सीरीज के बड़े पर्दे पर आने का सिलसिला दर्शकों के बीच लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘मिर्जापुर’ पर आधारित फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ की सफलता के बाद अब फैंस की नजरें दूसरी चर्चित वेब सीरीज पर भी टिक गई हैं। इनमें ‘पंचायत’ का नाम सबसे ऊपर है। गांव, पंचायत और वहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद सहज और मनोरंजक अंदाज में पेश करने वाली इस सीरीज ने चार सीजन में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या ‘पंचायत’ की कहानी भी बड़े पर्दे पर दिखाई दे सकती है?

इस सवाल पर सीरीज में प्रधान-पति बृज भूषण दुबे का चर्चित किरदार निभाने वाले अभिनेता रघुबीर यादव ने अपनी राय रखी है। उन्होंने साफ किया कि ‘पंचायत’ को फिल्म में बदलने का फैसला पूरी तरह कहानी और लेखकों पर निर्भर करेगा। खुद रघुबीर यादव ने कहा कि उन्होंने अभी तक इस बारे में गंभीरता से सोचा भी नहीं है कि ‘पंचायत’ पर फिल्म बननी चाहिए या नहीं।

फिल्म को लेकर क्या बोले रघुबीर यादव?

‘वैरायटी इंडिया’ से बातचीत के दौरान रघुबीर यादव से जब ‘पंचायत’ को थिएटर में लाने की संभावना को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला लेखक और क्रिएटर्स को करना है। अभिनेता ने संकेत दिया कि अगर मेकर्स कहानी को फिल्म के रूप में आगे बढ़ाने का फैसला लेते हैं तो वह इसका हिस्सा बनने से पीछे नहीं हटेंगे।

रघुबीर यादव के मुताबिक, अगर ‘पंचायत’ पर फिल्म बनती है तो वह इसमें काम करेंगे, लेकिन कहानी के फॉर्मेट को बदलने का निर्णय वह खुद नहीं लेना चाहते। उनका मानना है कि शो की कहानी को किस दिशा में ले जाना है, इसका फैसला उसके राइटर और क्रिएटर्स ही बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

‘पंचायत’ को फिल्म बनाकर सीजन क्यों खराब करेंगे?

रघुबीर यादव ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि ‘पंचायत’ की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। संभव है कि लेखकों के पास आने वाले सीजन के लिए कई कहानियां और प्लॉट मौजूद हों। ऐसे में अगर पूरी कहानी को एक फिल्म में समेट दिया गया तो सीरीज के आगे बढ़ने की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि हो सकता है लेखक के दिमाग में अभी कई और सीजन की कहानियां हों। ऐसे में फिल्म बनाने के लिए सीरीज के संभावित भविष्य को खत्म करने की जरूरत क्यों पड़ेगी?

तीन घंटे में नहीं समा सकती ‘पंचायत’ की दुनिया

रघुबीर यादव की सबसे बड़ी दलील ‘पंचायत’ की विशाल कहानी और इसके किरदारों से जुड़ी है। उनके मुताबिक, गांव की जिंदगी को केवल दो या तीन घंटे की फिल्म में समेटना आसान नहीं होगा। सीरीज में सिर्फ प्रधान जी या सचिव जी की कहानी नहीं है, बल्कि फुलेरा के लगभग हर किरदार की अपनी अलग दुनिया और कहानी है।

उन्होंने कहा कि वह गांवों में रहे हैं और जानते हैं कि ग्रामीण जीवन को कुछ घंटों में समेटना बेहद मुश्किल है। ‘पंचायत’ के बनराकस, मंजू देवी, प्रधान-पति बृज भूषण और सचिव जी जैसे किरदारों की अपनी अलग-अलग कहानियां हैं। ऐसे में एक फिल्म का सीमित समय इन सभी किरदारों को पर्याप्त जगह देने के लिए कम पड़ सकता है।

‘पंचायत 5’ का इंतजार कर रहे हैं फैंस

फिल्म को लेकर चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब दर्शकों को ‘पंचायत’ के पांचवें सीजन का बेसब्री से इंतजार है। टीवीएफ की इस लोकप्रिय सीरीज में अभिषेक त्रिपाठी की कहानी दिखाई जाती है, जो शहर से पढ़ाई करने के बाद उत्तर प्रदेश के काल्पनिक गांव फुलेरा की ग्राम पंचायत में सचिव की नौकरी करता है।

चार सीजन के दौरान सीरीज ने फुलेरा के किरदारों, रिश्तों और घटनाओं को लगातार विस्तार दिया है। यही वजह है कि दर्शक अब अगले सीजन की कहानी को लेकर उत्साहित हैं। प्राइम वीडियो की ओर से सीजन 5 को लेकर रिलीज विंडो भी बताई जा चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका लक्ष्य अक्टूबर और नवंबर 2026 के बीच रिलीज करने का है।

फिलहाल ‘पंचायत’ पर फिल्म बनने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। रघुबीर यादव के बयान से इतना जरूर साफ है कि अगर भविष्य में मेकर्स इस कहानी को बड़े पर्दे पर ले जाने का फैसला करते हैं, तो कहानी के अनुरूप कलाकार भी इसका हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, फिलहाल फैंस को फुलेरा की दुनिया में वापसी के लिए पांचवें सीजन का इंतजार करना होगा।

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