
कुशीनगर: जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के बरवा बाजार इलाके से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मजदूर ने खेत में काम करने के दौरान पास के पेड़ पर गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय जोखन सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का भरण-पोषण मजदूरी करके करता था।

घटना की सबसे मार्मिक बात यह रही कि जब मजदूर ने यह खौफनाक कदम उठाया, उस समय उसकी पत्नी और तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे उसी खेत के पास मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पत्नी अपने पति के पैरों से लिपटकर बिलख-बिलख कर रोती रही, जबकि तीनों बच्चे घटना से अनजान पास में ही खेलते रहे। इस दृश्य को देखकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
खेत में खाद छिड़कने गया था मजदूर
मिली जानकारी के अनुसार जोखन सिंह रामकोला थाना क्षेत्र के बरवा बाजार का निवासी था। वह लंबे समय से क्षेत्र के एक गन्ना क्रेशर प्लांट में मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। लेकिन कुछ समय पहले प्लांट बंद हो जाने के कारण उसकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया था।
प्लांट बंद होने के बाद से जोखन सिंह खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का खर्च चला रहा था। शनिवार को भी वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव के पास स्थित एक खेत में खाद छिड़कने का काम करने गया था।
कुछ देर बाद उठाया खौफनाक कदम
परिवार के लोगों के मुताबिक खेत में काम करते-करते जोखन सिंह कुछ देर के लिए वहां से हटकर पास के एक पेड़ की ओर चला गया। पत्नी और बच्चे खेत में ही काम और खेल में लगे हुए थे। कुछ देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो पत्नी ने उसे आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद जब आसपास तलाश की गई तो पास के पेड़ पर जोखन सिंह का शव गमछे के सहारे फंदे से लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखते ही पत्नी चीख-पुकार मचाते हुए वहीं बेहोश हो गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जब यह घटना देखी तो तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी।
पत्नी पैरों से लिपटकर रोती रही
ग्रामीणों के अनुसार जब तक लोगों ने शव को नीचे उतारा, तब तक पत्नी अपने पति के पैरों से लिपटकर जोर-जोर से रोती रही। वहीं तीनों मासूम बच्चे इस दर्दनाक घटना को पूरी तरह समझ नहीं पा रहे थे और पास में ही खेलते रहे।
यह मंजर इतना भावुक कर देने वाला था कि मौके पर मौजूद कई ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू निकल पड़े। गांव के लोगों का कहना है कि जोखन सिंह बेहद मेहनती और शांत स्वभाव का व्यक्ति था और हमेशा अपने परिवार के लिए मेहनत करता रहता था।
पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रामकोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ कर मामले की जानकारी जुटाई।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
आर्थिक तंगी से परेशान था मजदूर
ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक जोखन सिंह पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी से काफी परेशान चल रहा था। गन्ना क्रेशर प्लांट बंद होने के बाद से उसकी आमदनी का मुख्य जरिया खत्म हो गया था।
हालांकि वह खेतों में मजदूरी करके घर चलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन परिवार का खर्च और बच्चों की जिम्मेदारी के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया।
गांव में पसरा मातम
घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जोखन सिंह के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं और अब उनके सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि बच्चों का पालन-पोषण और पढ़ाई-लिखाई हो सके।
पुलिस कर रही जांच
रामकोला थाना पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।




