भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जालौन जिला प्रशासन ने गौवंशों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने डकोर स्थित गौशाला पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौवंशों के लिए उपलब्ध चारे, भूसे, स्वच्छ पेयजल और छायादार स्थानों की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में गौवंशों की देखभाल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरे चारे की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल की निरंतर व्यवस्था बनाए रखने और गौवंशों को धूप से बचाने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पशु चिकित्सकों को भी निर्देशित किया कि गौशालाओं में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए और बीमार पशुओं का तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने कहा कि गर्मी के दौरान पशुओं में बीमारी फैलने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं का लगातार निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी रखने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी गौशाला में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा डीएम ने भूसा दान अभियान की भी समीक्षा की और समाज के अधिक से अधिक लोगों से गौसेवा में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से गौशालाओं की व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी तथा गौवंशों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से गौशालाओं में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीरता बढ़ी है और स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने इस पहल की सराहना की है।