टॉप न्यूज़विदेश

Hezbollah Tunnels : इजरायल ने दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह का अंडरग्राउंड कमांड सेंटर और सुरंग नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त किया

इजरायल ने दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह का बड़ा अंडरग्राउंड नेटवर्क किया तबाह, कमांड सेंटर भी ध्वस्त

दक्षिण लेबनान: इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी तनाव के बीच इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए दक्षिण लेबनान के ब्यूफोर्ट रिज (Beaufort Ridge) के नीचे मौजूद हिज्बुल्लाह के महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड टनल नेटवर्क को नष्ट करने का दावा किया है। इजरायली सेना के अनुसार यह नेटवर्क हिज्बुल्लाह का केंद्रीय कमांड सेंटर था, जहां से संगठन के शीर्ष कमांडर सैन्य गतिविधियों की निगरानी करते थे और इजरायल पर हमलों के निर्देश जारी किए जाते थे।

IDF ने शुक्रवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई दक्षिण लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र (Security Zone) में एक सीमित सैन्य अभियान (Limited Operation) के दौरान की गई। सेना का कहना है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य भविष्य में इजरायल की सीमा और नागरिकों के लिए पैदा होने वाले खतरों को खत्म करना था।

दो दशकों में तैयार हुआ था सुरंगों का विशाल नेटवर्क

इजरायली सेना के मुताबिक, नष्ट किया गया टनल नेटवर्क कई स्तरों में फैला हुआ था और इसे हिज्बुल्लाह ने करीब 20 वर्षों में विकसित किया था। यह केवल सुरंगों का जाल नहीं था, बल्कि एक ऐसा भूमिगत सैन्य ढांचा था जहां कमांड सेंटर, हथियारों के भंडारण की व्यवस्था, संचार प्रणाली और ऑपरेशन रूम मौजूद थे।

IDF का दावा है कि यह नेटवर्क दक्षिण लेबनान में सक्रिय हिज्बुल्लाह की ‘बदर यूनिट’ के लिए केंद्रीय कमांड सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। यहीं से संगठन की सैन्य रणनीति बनाई जाती थी और सीमा पर तैनात लड़ाकों को निर्देश भेजे जाते थे।

ईरान पर लगाया फंडिंग और प्लानिंग का आरोप

इजरायली सेना ने अपने बयान में दावा किया कि इस पूरे भूमिगत नेटवर्क की योजना ईरान के समर्थन से तैयार की गई थी और इसके निर्माण के लिए आर्थिक मदद भी ईरानी शासन ने उपलब्ध कराई थी। IDF के अनुसार, इस नेटवर्क का उद्देश्य उत्तरी इजरायल के सीमावर्ती इलाकों में सैन्य कार्रवाई को आसान बनाना था।

सेना ने कहा कि यह सुरंग नेटवर्क इजरायल के मेटुला (Metula) और गैलिली पैनहैंडल क्षेत्र से लगभग छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित था, जिससे यह उत्तरी इजरायल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था।

ब्यूफोर्ट रिज में मजबूत हुई इजरायली मौजूदगी

IDF ने बताया कि पिछले कुछ सप्ताह के दौरान उसने ब्यूफोर्ट रिज क्षेत्र में अपनी सैन्य तैनाती को और मजबूत किया है। इस दौरान सेना ने भूमिगत सुरंगों की पहचान की, उन पर ऑपरेशनल नियंत्रण स्थापित किया और योजनाबद्ध तरीके से उन्हें विस्फोटकों की मदद से ध्वस्त किया।

इजरायली अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से हिज्बुल्लाह की सीमा के पास सैन्य गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है और संगठन की रणनीतिक क्षमता कमजोर हुई है।

रोम में प्रस्तावित वार्ता से पहले बड़ा सैन्य अभियान

यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अगले महीने इटली की राजधानी रोम में अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव, संघर्ष विराम (Ceasefire) और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वार्ता से पहले इजरायल अपनी सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने और हिज्बुल्लाह के सैन्य ढांचे को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

सीजफायर का पालन करने का दावा

इजरायली सेना ने अपने बयान में कहा कि वह लेबनान के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते का सम्मान करती है, लेकिन यदि उसकी सेना या नागरिकों की सुरक्षा को किसी भी प्रकार का खतरा होता है तो आवश्यक सैन्य कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

IDF ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी सीमा पार से किसी भी खतरे को समाप्त करने के लिए ऑपरेशन चलाए जाएंगे।

ट्रंप ने जताई थी नाराजगी

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और लेबनान में हालात सामान्य करने की दिशा में प्रयास तेज होने चाहिए।

हालांकि, इजरायल का कहना है कि जब तक उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा बना रहेगा, तब तक वह आतंकवादी ढांचे और सीमा पार मौजूद सैन्य ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।

Related Articles

Back to top button