
सुवा: प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश फिजी ने HIV संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। फिजी सरकार ने 15 सितंबर 2026 को यह फैसला लिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, देश में HIV संक्रमण में दुनिया के सबसे तेज बढ़ते मामलों में से एक देखा जा रहा है।

फिजी के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा मंत्री रातु एटोनियो लालाबालावु ने कहा कि अब केवल आउटब्रेक स्तर की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं है और देश को एक व्यापक, समन्वित राष्ट्रीय प्रतिक्रिया की जरूरत है। सरकार ने HIV की जांच, रोकथाम और उपचार को बड़े स्तर पर बढ़ाने की योजना बनाई है।
हर 60 वयस्कों में एक HIV से संक्रमित
फिजी सरकार के अनुसार, वर्तमान अनुमान के मुताबिक देश में हर 60 वयस्कों में लगभग एक व्यक्ति HIV के साथ रह रहा है। करीब पांच साल पहले यह अनुपात लगभग 167 वयस्कों में एक था। यह बदलाव संक्रमण की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
UNAIDS के अनुमान के अनुसार, 2025 में फिजी में लगभग 9,100 लोग HIV के साथ रह रहे थे। इनमें केवल 39 प्रतिशत लोगों को अपने HIV स्टेटस की जानकारी थी और करीब 22 प्रतिशत लोग एंटीरेट्रोवायरल उपचार ले रहे थे।
2025 में 2,016 नए HIV मामले
फिजी में 2025 के दौरान 2,016 नए HIV निदान दर्ज किए गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह संख्या 2024 के मुकाबले लगभग 27 प्रतिशत अधिक थी। फिजी सरकार ने जनवरी 2025 में ही HIV को आउटब्रेक घोषित किया था, लेकिन संक्रमण के बढ़ते स्तर को देखते हुए अब प्रतिक्रिया को राष्ट्रीय आपातकाल तक बढ़ाया गया है।
सरकार का कहना है कि बढ़ती जांच के कारण भी अधिक संक्रमित लोगों की पहचान हो रही है। यानी नए मामलों में वृद्धि का एक हिस्सा बेहतर टेस्टिंग और निगरानी से भी जुड़ा है, लेकिन आंकड़े वास्तविक संक्रमण के बढ़ने की गंभीरता को भी दिखाते हैं।
गर्भवती महिलाओं में भी संक्रमण चिंता का विषय
फिजी में HIV संक्रमण का असर गर्भवती महिलाओं में भी सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 50 गर्भवती महिलाओं में एक HIV से संक्रमित होने का अनुमान है। इससे मां से बच्चे में संक्रमण रोकने के लिए समय पर जांच और उपचार की जरूरत और बढ़ जाती है।
2025 में फिजी में HIV के साथ जन्म लेने वाले बच्चों के मामले भी दर्ज किए गए। सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां गर्भवती महिलाओं की जांच और उपचार तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।
संक्रमण के प्रमुख कारणों पर भी नजर
UNAIDS के अनुसार, जिन मामलों में संक्रमण का तरीका ज्ञात था, उनमें आधे से अधिक मामले यौन संक्रमण से जुड़े थे, जबकि 42 प्रतिशत से अधिक मामले इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े थे।
फिजी में इंजेक्शन से नशीली दवाओं के इस्तेमाल और संक्रमित सुई साझा करने को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसी कारण सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए harm-reduction उपायों को बढ़ाने की योजना बनाई है।
मुफ्त HIV जांच और उपचार पर जोर
राष्ट्रीय आपातकाल के बाद फिजी सरकार ने HIV से निपटने के लिए मुफ्त जांच, रोकथाम और उपचार सेवाओं को बढ़ाने की घोषणा की है। WHO के अनुसार, सरकार मुफ्त और गोपनीय HIV टेस्टिंग के साथ-साथ HIV की रोकथाम के लिए PrEP जैसी दवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है।
HIV पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराने की योजना भी प्रतिक्रिया का हिस्सा है। WHO ने कहा है कि आधुनिक उपचार के जरिए HIV के साथ रहने वाले लोग लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। प्रभावी उपचार के जरिए वायरस के यौन संचरण का जोखिम भी समाप्त किया जा सकता है।
साफ सुइयों की उपलब्धता बढ़ाने की योजना
इंजेक्शन के जरिए संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए फिजी needle and syringe programme शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य इंजेक्शन से नशीली दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों को साफ सुइयां उपलब्ध कराना और संक्रमित सुइयों के साझा इस्तेमाल से होने वाले HIV संक्रमण को कम करना है। इसके लिए कानूनी बदलावों की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
WHO और UNAIDS ने फैसले का समर्थन किया
WHO ने फिजी के राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने के फैसले का समर्थन किया है। संगठन के मुताबिक, फिजी में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और आपातकाल की घोषणा देश को अपनी मौजूदा प्रतिक्रिया को और मजबूत करने का अवसर देती है।
UNAIDS ने भी कहा है कि फिजी ने स्थिति की गंभीरता को पहचानते हुए अपनी प्रतिक्रिया को तेज किया है। संगठन के अनुसार, 2010 से 2025 के बीच फिजी में नए HIV संक्रमणों में करीब 12 गुना वृद्धि हुई है।
HIV को लेकर जागरूकता और भेदभाव कम करना जरूरी
स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ HIV से जुड़े कलंक और भेदभाव को कम करने पर भी जोर दे रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि लोग सामाजिक डर या भेदभाव की आशंका के कारण जांच नहीं कराते हैं, तो संक्रमण की पहचान और उपचार में देरी हो सकती है।
WHO ने भी शुरुआती जांच, समय पर उपचार, रोकथाम सेवाओं, समुदाय की भागीदारी तथा भेदभाव कम करने को प्रभावी HIV प्रतिक्रिया के प्रमुख हिस्से बताया है।
फिजी में पहले से चल रही थी HIV रणनीति
राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा अचानक शुरू हुई प्रक्रिया नहीं है। WHO के अनुसार, फिजी ने 2024 में HIV Surge Strategy 2024–2027 को मंजूरी दी थी और इसके बाद National HIV Outbreak Response Plan लागू किया गया। UNAIDS और WHO सहित अंतरराष्ट्रीय साझेदार इस प्रतिक्रिया में फिजी सरकार की सहायता कर रहे हैं।
अब राष्ट्रीय आपातकाल घोषित होने के बाद इन प्रयासों को और तेज करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य संक्रमण की रफ्तार को रोकना
फिजी सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती नए संक्रमणों की संख्या को कम करना और उन लोगों को उपचार से जोड़ना है, जिन्हें अभी तक अपने HIV स्टेटस की जानकारी नहीं है।
जांच का विस्तार, शुरुआती निदान, मुफ्त उपचार, PrEP, साफ सुइयों की उपलब्धता, गर्भवती महिलाओं की जांच और जागरूकता अभियान इस रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। WHO के अनुसार, इन उपायों को लगातार और बड़े स्तर पर लागू करने से स्थिति को नियंत्रित करने की संभावना है।
निष्कर्ष
फिजी ने बढ़ते HIV संक्रमण को देखते हुए 15 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। UNAIDS के अनुसार 2025 में करीब 9,100 लोग HIV के साथ रह रहे थे, लेकिन केवल 39 प्रतिशत लोगों को अपने संक्रमण की जानकारी थी और 22 प्रतिशत लोग उपचार ले रहे थे।
सरकार अब मुफ्त HIV जांच, रोकथाम की दवाओं, उपचार और harm-reduction सेवाओं का विस्तार कर रही है। WHO और UNAIDS ने फिजी के कदम का समर्थन करते हुए कहा है कि समय पर जांच, उपचार और रोकथाम के प्रभावी इस्तेमाल से इस बढ़ते संकट पर काबू पाने के प्रयास किए जा सकते हैं।



