
भारत सरकार ने बच्चों के पासपोर्ट और नागरिकता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए नागरिकता (संशोधन) नियम 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इन नए नियमों का सीधा असर नाबालिगों (Minors) और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों पर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य दस्तावेज़ प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और सरल बनाना है।
नाबालिगों के लिए सबसे बड़ा बदलाव: दो पासपोर्ट नहीं रख सकेंगे
नए नियमों के तहत अब कोई भी नाबालिग एक साथ दो पासपोर्ट नहीं रख सकेगा। पहले कुछ मामलों में विदेशी नागरिकता या OCI से जुड़े कारणों से दो पासपोर्ट जैसी स्थिति बन जाती थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बच्चों के पासपोर्ट से जुड़े 7 बड़े फैसले
1. डुअल पासपोर्ट पर पूरी तरह रोक
अब नाबालिग एक साथ दो देशों के पासपोर्ट नहीं रख पाएंगे। यदि ऐसा पाया गया तो एक पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है।
2. OCI कार्ड नियमों में सख्ती
OCI कार्ड रखने वाले बच्चों को अपने दस्तावेज़ समय-समय पर अपडेट करने होंगे, खासकर उम्र के बदलाव पर।
3. 20 वर्ष की उम्र तक अपडेट जरूरी
बच्चों को 20 साल की उम्र तक पासपोर्ट और फोटो अपडेट कराना अनिवार्य किया गया है।
4. दस्तावेज़ सत्यापन होगा सख्त
पासपोर्ट बनवाते समय माता-पिता के दस्तावेज़ और नागरिकता की जांच पहले से ज्यादा सख्ती से होगी।
5. विदेश में जन्मे बच्चों पर नियम लागू
विदेश में जन्म लेने वाले भारतीय मूल के बच्चों के लिए OCI और पासपोर्ट नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं।
6. गलत जानकारी देने पर कार्रवाई
अगर आवेदन में कोई गलत जानकारी दी जाती है, तो पासपोर्ट रद्द होने के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
7. डिजिटल ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग
सरकार अब पासपोर्ट और OCI कार्ड की डिजिटल मॉनिटरिंग करेगी, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
क्यों किए गए ये बदलाव?
सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से फर्जी दस्तावेज़ों पर रोक लगेगी और अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़े नियमों में स्पष्टता आएगी। साथ ही, बच्चों की पहचान और नागरिकता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आपके बच्चे का पासपोर्ट या OCI कार्ड बना हुआ है, तो नए नियमों के अनुसार उसकी स्थिति जरूर जांच लें। समय पर अपडेट नहीं करने पर भविष्य में यात्रा या दस्तावेज़ सत्यापन में परेशानी हो सकती है।



