बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बुधवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। उघैती थाना क्षेत्र के सिद्ध बरोलिया गांव के पास दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 18 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।

कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में थीं और आमने-सामने से आ रही थीं। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण दोनों वाहनों की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉलियों में सवार लोग उछलकर सड़क पर गिर पड़े।
हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बड़ी संख्या में लोग सवार थे, जिससे जनहानि और घायलों की संख्या अधिक हो गई। कई लोग ट्रॉली के नीचे दब गए, जिन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
तीन लोगों की मौके पर मौत
इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मृतकों के परिजनों को सूचना दी जा रही है।
घटना की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
18 घायल, अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल 18 लोगों को तत्काल बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। जरूरत पड़ने पर कुछ घायलों को जिला अस्पताल रेफर करने की भी तैयारी की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही उघैती थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया और घायलों को अस्पताल भिजवाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना स्थल को सुरक्षित कर लिया गया है और यातायात को कुछ समय के लिए डायवर्ट किया गया था। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सड़क पर यातायात बहाल किया गया।
हादसे की जांच शुरू
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में तय क्षमता से अधिक लोग सवार थे या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। लोगों ने बताया कि कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर थी और वे मदद के लिए चीख-पुकार कर रहे थे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहनों का सवारी ढोने के लिए इस्तेमाल करना आम बात हो गई है, जो कानूनन गलत होने के साथ-साथ बेहद खतरनाक भी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बिना सुरक्षा इंतजामों के लोगों को बैठाना बड़े हादसों को न्योता देता है। जरूरत है कि प्रशासन इस पर सख्ती से रोक लगाए।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका
घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम रही। बिसौली सीएचसी के डॉक्टरों ने बताया कि जैसे ही हादसे की सूचना मिली, अस्पताल में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया गया और अतिरिक्त स्टाफ को बुलाया गया।
डॉक्टरों का कहना है कि सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
परिजनों में मातम
हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों में शोक का माहौल है। गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे। इसके साथ ही उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
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