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Waterlogging Crisis : अलमापुर में जलभराव से घरों में दरारें, गंदे पानी से ग्रामीण परेशान, बच्चे स्कूल जाने को मजबूर

नाला बंद होने से बढ़ी जलभराव की समस्या, ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की

कानपुर नगर के ब्लॉक कल्याणपुर अंतर्गत ग्राम अलमापुर में जलभराव की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव में पिछले कई दिनों से घरों के आसपास गंदा पानी जमा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निकासी का सरकारी नाला बंद होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। जलभराव के चलते कई घरों की दीवारों में दरारें आने की बात भी सामने आई है। वहीं, बच्चों को इसी गंदे पानी से होकर स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

घरों के आसपास जमा गंदा पानी, बढ़ी परेशानी

अलमापुर गांव में जलभराव के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, घरों के बाहर कई दिनों से गंदा पानी जमा है। बारिश और जल निकासी की समस्या के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

पीड़ित महिलाओं रूबी पाल, सुमन पाल और रामवती का कहना है कि पानी घरों के आसपास ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर घरों के अंदर तक पहुंच रहा है। सीवर और नालियों का गंदा पानी जमा होने से बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है। महिलाओं के मुताबिक, लगातार पानी जमा रहने के कारण उनके घरों की दीवारों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं। इससे परिवारों को मकान की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है।

करीब 10 घर जलभराव की चपेट में

ग्रामीणों का दावा है कि गांव के कम से कम 10 घर जलभराव से प्रभावित हैं। इन घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर जताई जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों को स्कूल जाने के लिए जलभराव वाले रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। गंदे पानी में चलने के कारण कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से भी बच रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता भी सामने आ रही है।

सरकारी नाला पाटने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप

ग्रामीणों ने गांव में जलभराव की मुख्य वजह सरकारी नाले के बंद होने को बताया है। उनका आरोप है कि गांव में मौजूद सरकारी नाले को कुछ लोगों ने मिट्टी डालकर पाट दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नाला बंद होने के बाद वहां जानवर बांधे जा रहे हैं और कुछ हिस्से में खेत के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

ग्रामीणों का दावा है कि पहले इसी नाले के जरिए गांव के पानी की निकासी होती थी, लेकिन नाला बंद होने के बाद पानी का रास्ता रुक गया। इसके चलते बारिश और घरों से निकलने वाला पानी आसपास जमा होने लगा।

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मांग है कि बंद पड़े नाले की जांच कराकर उसे जल्द खुलवाया जाए, ताकि पानी की निकासी दोबारा शुरू हो सके। साथ ही जलभराव वाले इलाकों से गंदा पानी हटाकर प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो घरों को और नुकसान पहुंच सकता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती रहेगी। ऐसे में ग्रामीण प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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